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जानिए होलिका के जलने के बाद क्या हुआ था उसके मंगेतर का हाल

बॉलीवुड के किस्से

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जानिए होलिका के जलने के बाद क्या हुआ था उसके मंगेतर का हाल

भगवान् के श्राप से प्रहलाद को गोद में लेकर होलिका तो जल गयी , लेकिन क्या आपको पता है की होलिका की मृत्यु के बाद उनके मंगेतर ताउम्र कुवारे रहे .होलिका के मंगेतर की हसरत पूरी करने के लिए भारत में एक ख़ास वर्ग के लोग धूम धाम से उसकी बरात निकालते हैं. रायपुर में होलिका के मंगेतर का एक मंदिर भी है जो सिर्फ फ़ागुन के महीने में ही खुलता है. और ये बात आश्चर्य की है की इस मंदिर की काफी मान्यता है और सैकड़ो लोग मंदिर का पट खुलने का साल भर इंतज़ार करते हैं. होलीकाष्ट के मौके पर यहाँ के लोग नाथूराम की बरात धूम धाम से निकालते हैं.होलिका दहन से २-३ दिन पहले ख़ास मौके और मुहूर्त पर नाथूराम के मंदिर का पट खुलता है. २-३ दिनों तक आरती के रूप में कई रस्मे की जाती हैं और इसके बाद तय समय पर किसी आम बरात की तरह नाथूराम की बारात निकलती है. इसमें शामिल लोग झूम कर नाचते गाते हैं. आतिशबाजी और बाजे गाजे के साथ निकलने वाली ये बारात इतिहास के पन्नो पे दर्ज उस व्यक्ति की होती है जो होलिका के साथ शादी की डोर में बंधना चाहता था लेकिन उसके विवाह से चंद दिनों पहले ही होलिका को उसका वरदान भारी पड़ गया जो उसे ब्रह्मा से मिला था. होलिका अग्नि में जल कर ख़ाक हो गयीं जिससे नाथूराम की होलिका से शादी की हसरत अधूरी रह गयी. लिहाज़ा उसकी इसी हसरत को पूरी करने के लिए फ़ागुन के महीने में भक्त उसकी बरात निकालते हैं.और सालो पुरानी ये परंपरा आज भी निभाई जाती है.

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