content-cover-image
जब मंगल पांडेय को दी गयी थी फांसी, जानें उनसे जुड़ीं खास बातें

बॉलीवुड के किस्से

00:00

ट्रेंडिंग रेडियो

जब मंगल पांडेय को दी गयी थी फांसी, जानें उनसे जुड़ीं खास बातें

हिंदुस्तान ने 200 साल से ज्यादा अंग्रेजी हुकूमत की गुलामी की. अंग्रेजी हुकूमत से आजाद होने और खुली हवा में सांस लेने के साल 1857 में देश में पहली बार आजादी की मशाल रौशन करने वाले मंगल पांडेय को कल के ही दिन यानी 8 अप्रैल को फांसी पर लटका दिया गया था. शहीद स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडेय के साथ आजादी के ना जाने कितने परवानों ने हंसते-हंसते अपनी जान कुर्बान कर दी थी. सभी का मकसद एक ही था अंग्रेजी हुकूमत से मुक्त भारत. वह अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी जिंदगी देश के लिए न्यौछावर कर गए. जिससे देश में आने वाली पीड़ियां आजाद हवा में सांस ले सकें और अपने मुताबिक जी सकें. आठ अप्रैल का दिन इन्हीं को समर्पित हैं. शहीद मंगल पांडे द्वारा ब्रिटिश अधिकारियों पर हमला किए जाने के बाद उन्हें सजा में फांसी पर लटका दिया गया था, उस दिन की याद में भारत सरकार ने बैरकपुर में शहीद मंगल पांडे महाउद्यान के नाम से उसी जगह पर उद्यान बनवाया. साथ ही सरकार ने उनके नाम और फोटो वाली स्टैंप को दिल्ली के मशहूर कलाकार सी. आर. पाकराशी से तैयार करवा 5 अक्टूबर 1984 को लागू किया. भारत में धधकती आजादी की आंच पूरी दुनिया तक पहुंचे, इसलिए भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल के ही के दिन दिल्ली में सेंट्रल एसेंबली हॉल में बम फेंका था.

Show more
content-cover-image
जब मंगल पांडेय को दी गयी थी फांसी, जानें उनसे जुड़ीं खास बातेंबॉलीवुड के किस्से