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जब छुआछूत और भेदभाव नहीं बाँट सके भगवान को

बॉलीवुड के किस्से

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जब छुआछूत और भेदभाव नहीं बाँट सके भगवान को

क्या भगवान की भी कोई जाति होती है. राजस्थान में आज भी दलितों के मंदिर प्रवेश को लेकर अगड़ी जातियों में विरोध बरकरार है. जयपुर जिले के नीमोरा गांव में दलितों को जब गांव के मंदिर में जाने से रोका तो एक दलित ने अपने घर के पास ही भगवान की मूर्ति लगा ली. जी हाँ, जयपुर से करीब 50 किमी दूर निमोरा गांव के बाबूलाल के घर में बजरंग बली की मूर्ति लगी हुई है. गांव के लोगों ने जब बाबूलाल और उसके भाई भंवरलाल को गांव के मंदिर में पूजा करने से रोका तो इन्होने अपने घर में ही बजरंग बली की मूर्ति लगाकर टीन शेड डालकर पूजा शुरू कर दी. मंदिर में दलितों के प्रवेश से मंदिर गंदा होने की बात कहकर गांववालों ने इनके प्रवेश पर रोक लगा दी थी . इन्होंने लड़ने के बजाए उनकी बजरंग बली से बड़ी मूर्ति लगाकर और पूजा कर उनको जवाब देने का फैसला किया. 40 घर के गांव में केवल दो घर दलितों के हैं जो अब यहीं पूजा करते हैं. जब पुलिस-प्रशासन से शिकायत की गयी तो पूरे गांव में कोई दलितों के पक्ष में गवाही देने वाला नहीं मिला और मामला खत्म हो गया. फिलहाल गांव की सूरत देखने पर यह साफ हो जाता है कि यहां भेदभाव कायम है. ये दुःख की बात है की हमारे देश के कुछ हिस्सों में आज भी जाती के नाम पर भेदभाव जारी है.

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