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सिर्फ खान पान ही नहीं नकारात्मक भावनाएं भी देती हैं बिमारियों को आमंत्रण

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सिर्फ खान पान ही नहीं नकारात्मक भावनाएं भी देती हैं बिमारियों को आमंत्रण

भावनाएं इंसान के व्यक्तित्व को बनाती भी हैं और बिगाड़ती भी हैं पर नकारात्मक भावनाएं इंसान के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डालती हैं। गुस्सा, आत्मग्लानि, डिप्रेशन, डर, चिंता, उदासी आदि नकारात्मक भावनाएं हैं जो हमें रोगों का शिकार बना देती हैं और आयु सीमा को भी कम कर देती हैं। बहुत ज्यादा गुस्सा आना भी इसका ही एक प्रभाव है, कारण कुछ भी हो पर इसके परिणाम बहुत ही घातक होते हैं। जब व्यक्ति बहुत क्रोधित होता है तो उसका blood pressure बढ़ जाता है। कई बार तो क्रोधित व्यक्ति को दिल का दौरा तक पड़ जाता है, इसलिए विशेषज्ञों के अनुसार गुस्से काबू बहुत जरुरी है। इसी के साथ डिप्रेशन भी एक नकारात्मक भावना है जो कि अपने आप में एक गंभीर रोग बन चुका है। डिप्रेशन से पीडि़त व्यक्ति को हृदयाघात, उच्च रक्तचाप, नींद न आना और न जाने कितने गंभीर रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। डिप्रेशन के रोगी की हृदय गति बढ़ जाती है व ऐसे हार्मोन्स का स्तर भी अधिक हो जाता है जो तनाव उत्पन्न करते हैं। कोई भी नकारात्मक भावना हो, उसे आप अपने आत्मविश्वास व आशावादी नजरिए से दूर कर सकते हैं। यह आपका स्वभाव नहीं बनने पाए, ऐसी आपकी कोशिश होनी चाहिए क्योंकि नकारात्मक भावनाएं सिर्फ आपको ही नहीं बल्कि आपसे जुड़े व्यक्तियों को भी प्रभावित करती हैं इसलिए इन पर नियंत्राण पा कर सकारात्मक भावनाओं जैसे हंसना, प्यार, आत्मविश्वास व आशा को अपनी जिदंगी में जगह दें जो आपको अच्छा शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य देने में मददगार हों। आप भी अपने और अपने करीबियों के स्वस्थ्य का ख्याल रखें और नीचे दिए गए शेयर बटन की मदद से इस article को अपने मित्रोें और परिजनों के साथ शेयर करें.

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