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एक महीने में तीन हस्तियों ने की आत्महत्या, क्या अकेलापान हो सकता है इतना ख़तरनाक ?

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एक महीने में तीन हस्तियों ने की आत्महत्या, क्या अकेलापान हो सकता है इतना ख़तरनाक ?

आत्महत्या।यानि कि खुद की ज़िंदगी से परेशान हो कर एक अंतिम फैसले पर आना और खुद की जान ले लेना। आत्महत्या आमतौर पर डिप्रेशन की वजह से की जाती है। किसी से डर भी आत्महत्या की एक वजह होती है। भारत में पिछले 1 महीने में तीन बार नामचीन हस्तियों के द्वारा आत्महत्या की खबर सुनने को मिली। इन तीन लोंगो में दो पुलिसकर्मी भी शामिल थे। मॉडल से संत और संत से लेकर राजनेता बनने वाले मध्य प्रदेश के भय्यू महाराज ने 12 जून को मध्य प्रदेश के इंदौर में खुद को गोली मार ली। भय्यू को देश भर में एक अच्छे इंसान के रूप में जाना गया था। उन्हें इसी साल मध्य प्रदेश की सरकार ने राज्य मंत्री बनाया था। भय्यू ने आत्महत्या करने से पहले जो सुसाइड नोट लिखा, उसमें यही लिखा था कि वो अकेलपन से परेशान हो गए थे, जिस वजह से उन्हें आत्महत्या करनी पड़ी। दूसरा मामला मुंबई क्राइम ब्रांच में सुपर कॉप कहलाने वाले हिंमांशु रॉय का है । उनके फिट बॉडी और काम करने के अंदाज़ को देखते हुए ये कोई नहीं सोच सकता था कि तन्हापन उनको भी लील सकता है। 11 मई 2018 को हिमांशु ने खुद को अपने घर पर गोली मार ली। मुंबई अंडरवर्ल्ड के साथ साथ आईपीएल फिक्सिंग मामले में भी की गई जांच के लिए उनको जाना जाता है। इसके अलावा एंटी टेररिस्ट स्कवायड में शामिल रहे राजेश साहनी ने बीते महीने 29 मई को खुद को गोली मार ली। राजेश ने ड्यूटी के दौरान ही खुद को गोली मारी थी। आईएसआई एजेंट की गिरफ्तारी से लेकर बिहार में अपर महानिरीक्षक तक की भूमिका निभाने वाले राजेश भी तन्हाई की भेंट चढ़ गए थे। तीन मामले और तीन के तीनों आत्महत्याओं के मामले में कारण खुद की ज़िंदगी को तन्हा बताना रहा। जबकि ये तीनों ऐसे काम करने वाले थे, जिसमें इंसान को भीड़ में रहना होता था, लेकिन इसके बावजूद शायद आत्मसंतुष्टि का ना मिल पाना तन्हापन से निराश होने का एक कारण तो हो ही सकता है।

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