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Review: Actors के काम की बराबरी नहीं कर पाई 'फन्ने खां' की कहानी

बॉलीवुड के किस्से

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Review: Actors के काम की बराबरी नहीं कर पाई 'फन्ने खां' की कहानी

डायरेक्टर अतुल मांजरेकर ने लगभग 11 साल तक निर्माता निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा को असिस्ट किया है. अब राकेश ने अतुल को फन्ने खां डायरेक्ट करने का मौका दिया, जिसकी स्क्रिप्ट पर काफी समय से काम चल रहा था. बेल्जियम की फिल्म 'एवेरीबडी इज फेमस' से प्रेरित यह हिंदी फिल्म है. जिसमें अनिल कपूर, ऐश्वर्या राय बच्चन और राजकुमार दिख रहे हैं. फिल्म की कहानी टैक्सी ड्राइवर प्रशांत उर्फ़ फन्ने खां (अनिल कपूर) की है. फन्ने को ओर्केस्ट्रा में गाने का बड़ा शौक है. लेकिन घर की जरूरतों की वजह से वो कभी भी बड़ा सिंगर नहीं बन पाता और मिल में काम करने लगता है. उसके घर में उसकी बीवी (दिव्या दत्ता) और बेटी लता (पीहू संद) रहते हैं. फन्ने की चाहत थी की वो मोहम्मद रफी जैसा सिंगर बने. लेकिन ऐसा हो नहीं पाता है. पर जब उसके घर में बेटी होती है, तो फन्ने एक कसम खाता है कि वो अपनी बेटी को लता मंगेशकर जैसा सिंगर जरूर बनाएगा. यही कारण है कि वो बेटी का नाम लता रखता है. लता को सब उसके मोटापे की वजह से चिढ़ाते हैं. इसी बीच कहानी में ट्विस्ट तब आता है. जब फन्ने, अधीर (राजकुमार राव) मिलकर मशहूर सिंगर बेबी (ऐश्वर्या राय बच्चन) को किडनैप करता है. क्या फन्ने अपना सपना पूरा कर पायेगा? उसे क्या क्या झेलना पड़ता है, ये सब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी. तो जान लीजिये की आखिर आप फिल्म को क्यों देख सकते हैं....

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