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इस तरह बिन ब्याही मां बनीं थीं नीना गुप्ता

बॉलीवुड के किस्से

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इस तरह बिन ब्याही मां बनीं थीं नीना गुप्ता

कल्पना करें , 1988 में जब कोई लड़की अपने घर पर ये कहे कि मैं एक बच्चे को पैदा करना चाहती हूं, लेकिन उसके पापा से शादी करने का मेरा कोई ईरादा नहीं है। बच्चे को मैं अकेले ही पालूंगी। सोचिए क्या बवाल हुआ होगा घर में, लेकिन नीना गुप्ता वाकई बहुत हिम्मती थीं। अपने मम्मी-पापा को मनाया, समझाया। फाइनली उनके पापा मम्मी मान गए। दोनों ने नीना को हर तरह से सपोर्ट किया। ये नीना गुप्ता की कहानी है। नीना ने फिल्मों में स्ट्रॉन्ग औरतों के किरदार निभाए, लेकिन असल ज़िन्दगी में वो बहुत शर्मीली हैं। उनको घर में रहकर एक होममेकर जैसी ज़िन्दगी बिताना ज्यादा पसंद है। नीना और वेस्ट इंडीज़ क्रिकेट टीम के स्टार बैट्समैन विवियन रिचर्ड्स का अफेयर बहुत कम समय का था। नीना ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनके और विवियन के बीच कोई इमोशनल अटैचमेंट कभी नहीं था। जिस वक़्त विवियन और नीना का अफेयर था, विवियन अपनी वाइफ से अलग हो चुके थे। तलाक तब तक नहीं हुआ था। पहली पत्नी से विवियन के दो बच्चे थे। जब नीना प्रेग्नेंट हुईं, मीडिया से उन्होंने दूरी बना ली। 1989 में नीना ने जब मसाबा को जन्म दिया तो उसको पालने की ज़िम्मेदारी भी खुद ली। बहुत समय तक उन्होंने बच्चे के पापा का नाम मीडिया में नहीं आने दिया। शायद नीना नहीं चाहती थीं कि विव के कैरियर पर कोई असर पड़े। ये उनकी मर्ज़ी थी। एक इंटरव्यू में नीना ने कहा था, बच्चे को अकेले पालना बहुत मुश्किल है। उन्होंने कभी मसाबा को ये नहीं लगने दिया, कि अगर उसके पापा साथ नहीं रहते तो ये कोई अजीब बात है। नीना और डायरेक्टर सतीश कौशिक कॉलेज टाइम के दोस्त रहे हैं। जब मसाबा ने स्कूल जाना शुरू किया तो सतीश ने कहा, पापा के नाम वाले कॉलम में वो अपना नाम लिख देंगे, लेकिन नीना ने मना कर दिया। कहा, इस पर विवियन का ही नाम लिखा जाएगा।

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