content-cover-image
सेक्‍शन 377: अलाउद्दीन खिलजी को पसंद थे बिना दाढ़ी वाले मर्द

मुख्य खबरें

00:00

ट्रेंडिंग रेडियो

सेक्‍शन 377: अलाउद्दीन खिलजी को पसंद थे बिना दाढ़ी वाले मर्द

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आपसी सहमति से बने समलैंगिक संबंधों को कानूनी मान्‍यता दे दी है। यह एक ऐसा मसला है जिस पर कई वर्षों से हल्‍ला मचा हुआ है। लेकिन वहीं एक ऐसा पहलु भी है जिस पर अगर आप इतिहास में जाकर नजर दौड़ाएंगे तो कई उदाहरण मिल सकते हैं। इसी तरह के एक उदाहरण के बारे में लोगों को उस समय पता लगा था जब संजय लीला भंसाली की फिल्‍म 'पद्मावत' रिलीज हो रही थी। अलाउद्दीन खिलजी का जिक्र सबके सामने आया और इस पर सबकी नजर गई। अलाउद्दीन खिलजी के बारे में कहते हैं कि वह एक गे था और उसके नौकर मलिक कफूर के साथ उसके संबंध थे। अलाउद्दीन खिलजी पुरुषों और खासकर बिना दाढ़ी वाले पुरुषों के लिए आकर्षित था। कई किताबों में इस बात का दावा किया गया है कि उसके हरम में करीब 50,000 पुरुष थे तो उसके साथी थे। खिलजी के इस लव इंट्रेस्‍ट का कहानी मलिक कफूर नामक व्‍यक्ति के बारे में सर्च करने पर भी पता चलती है। खिलजी ने गुजरात में जीत हासिल करने के बाद काफूर को एक हजार दिनार देकर खरीदा था। कफूर का नाम कहीं-कहीं पर 'कफूर हजार दिनारी' भी मिलता है। खिलजी और कफूर के संबंधों के बारे में तारीख-ए-फिरोजशाही समेत कई किताबों में लिखा गया है। कहते हैं कि खिलजी के हरम में जो 50,000 पुरुष थे वे सभी बिना दाढ़ी वाले थे। इतिहास में दावा है कि खिलजी, कफूर की खूबसूरती के आगे खुद को बेबस महसूस करता था और इसका पूरा फायदा कफूर ने उठाया था। कफूर ने खिलजी का गुलाम बनने के बाद इस्‍लाम कुबूल कर लिया था। कफूर और खिलजी की करीबियां इतनी थी कि कफूर को खिलजी ने मिलिट्री कमांडर यानी मालिक नायब बना दिया था।कफूर ने देवगिरी में यादवों के साम्राज्‍य पर हमला करते समय सुल्‍तान की सेना का नेतृत्‍व किया था। इसके बाद सन् 1305 में कफूर न अमरोहा की लड़ाई में मंगोलों को हराया था। इसके बाद सन् 1309 और 1311 में मलिक कफूर ने दक्षिण भारत दो सफल अभियानों का नेतृत्‍व भी किया था। कहते हैं कि कफूर ने ही खिलजी की मौत की साजिश भी रची थी।

Show more
content-cover-image
सेक्‍शन 377: अलाउद्दीन खिलजी को पसंद थे बिना दाढ़ी वाले मर्दमुख्य खबरें