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धारा 377 पर फैसले से निराश स्वामी, कह दी इतनी बड़ी बात

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धारा 377 पर फैसले से निराश स्वामी, कह दी इतनी बड़ी बात

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि समलैंगिक यौन संबंध अपराध नहीं है. कोर्ट ने धारा 377 को 'स्पष्ट रूप से मनमाना' करार दिया. धारा 377 के तहत समलैंगिक यौन संबंध के लिए सजा का प्रावधान है. शीर्ष अदालत के न्यायधीशों ने अलग-अलग फैसले सुनाए, लेकिन यह सभी करीब-करीब एक जैसे थे. इन फैसलों में कहा गया कि यह संवैधानिक है. इस फैसले से देश भर के एलजीबीटीआईक्यू (समलैंगिक समुदाय) में खुशी की लहर दौड़ गई. लेकिन भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इस फैसले पर निराशा जताई है. उन्होंने कहा, इस फैसले को चुनौती दी जा सकती है. एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए स्वामी ने कहा, कोर्ट का ये फैसला अंतिम नहीं है. इस फैसले को सात जजों की बैंच द्वारा पलटा जा सकता है. सुब्रमण्यम स्वामी ने इसे जेनेटिक डिसऑर्डर से जुड़ा मामला बताया. उन्होंने कहा, इसके बाद एचआईवी के मामले बढ़ेंगे.

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