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चुनाव क्या क्या नहीं कराते ,ममता पहुंची अब हिंदी की शरण में मुख्य खबरें
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चुनाव क्या क्या नहीं कराते ,ममता पहुंची अब हिंदी की शरण में
2019 चुनावों में बस कुछ ही समय बाकी है और ऐसे में सभी पार्टियों ने अपनी अपनी मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। अब इसके लिए वह हिंदी की शरण में पहुंची हैं। ममता बनर्जी ने बंगाल में अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की अब हिंदी विंग की स्थापना की है। इसके अध्यक्ष टीएमसी के विधायक अर्जुन सिंह होंगे। नेताजी इंडोर स्टेडियम में बिहारी राष्ट्रीय समाज के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, वह हिंदी बोलने वाली आबादी से विशेष लगाव महसूस करती हैं। यहां उन्होंने अपील करते हुए कहा, प्लीज मुझे अपनी बेटी की तरह समझें। उन्होंने टीएमसी की हिंदी विंग की स्थापना की घोषणा की और लगे हाथ ये भी बता दिया कि वह जल्द ही राज्य में एक हिंदी यूनिवर्सिटी खोलेंगीं। ममता बनर्जी ने ये दांव सोच समझकर चला है। बंगाल में करीब 20 फीसदी आबादी गैर बांग्लाभाषी है। इस आबादी में बड़ा हिस्सा बीजेपी समर्थक माना जाता है, लेकिन अब टीएमसी सूत्रों का कहना है कि इससे बीजेपी को बड़ा झटका लगेगा। ये 20 फीसदी आबादी बंगाल की कई सीटों पर हार जीत का गणित बदल देती है। देश में उप्र और महाराष्ट्र के बाद सबसे ज्यादा लोकसभा सीटें पश्चिम बंगाल में हैं। पश्चिम बंगाल में बिहार के लोगों की आबादी कई सीटों पर निर्णायक भूमिका में है। पश्चिम बंगाल में लोकसभा की 42 सीटें हैं। इसमें 34 सीटें टीएमसी के पास हैं। चार कांग्रेस ,दो बीजेपी और 2 सीट सीपीएम के पास है ।
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