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समलैंगिकता के तहत दर्ज मामलों में UP अव्वल

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समलैंगिकता के तहत दर्ज मामलों में UP अव्वल

भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत समलैंगिक यौन संबंध को लेकर दर्ज मामलों की संख्या के लिहाज से उत्तर प्रदेश सबसे आगे है और उसके बाद केरल का स्थान है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते इस कानून को आंशिक रूप से निरस्त कर दिया था. धारा 377 के तहत 2014 से 2016 के बीच कुल 4,690 मामले दर्ज किए गए. राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के अनुसार, 2016 में धारा 377 के तहत समलैंगिक यौन संबंधों के 2,195 मामले दर्ज किए गए जबकि 2015 में 1,347 और 2014 में 1,148 मामले दर्ज किए गए. 2016 में सबसे ज्यादा 999 ऐसे मामले उत्तर प्रदेश में सामने आए. गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि सहमति से समलैंगिक यौन संबंध के आरोपियों को जो मुकदमों का सामना कर रहे हैं या जिनकी याचिकाएं समीक्षाधीन हैं, उन्हें उच्चतम न्यायालय के छह सितंबर के फैसले से अब राहत मिल सकेगी.

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