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मराठा सरदार शरद पवार की चतुराई उन्हीं को पड़ रही भारी

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मराठा सरदार शरद पवार की चतुराई उन्हीं को पड़ रही भारी

राजनीति के चतुर खिलाड़ी और मराठा सरदार के नाम से मशहूर शरद पवार को उनका बयान भारी पडऩे के संकेत हैं। तारिक अनवर ने अपना कदम पीछे खींचने से मना कर दिया है। तारिक अनवर ने कहा कि वह निर्णय ले चुके हैं, अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ को लेकर पार्टी की सफाई को लेकर तारिक ने कहा कि अब बहुत देर हो गई है। वहीं एनसीपी के अंदरुनी सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र की राजनीति में इसका असर देखने को मिल सकता है। एनसीपी के सूत्रों के मुताबिक पवार को उनकी राजनीतिक चतुराई इस बार भारी पड़ सकती है। प्रफुल्ल पटेल और देवी प्रसाद त्रिपाठी का बयान आने के बाद शरद पवार की बेटी सुप्रिया सूले ने भी पवार का पक्ष रखा है। सुप्रिया सूले ने कहा कि तारिक अनवर 20 साल से राजनीति में शरद पवार के साथ थे, उन्हें इस तरह से अचानक निर्णय नहीं लेना चाहिए था। कम से कम तारिक अनवर एक बार शरद पवार से बात तो करते? सुप्रिया सूले ने कहा कि शरद पवार के बयान को भी गलत तरीके से लिया जा रहा है। शरद पवार ने अपने बयान में राफेल लड़ाकू विमान के मुद्दे पर मोदी सरकार को कोई क्लीन चिट नहीं दी है। 2014 में शरद पवार ने देवेन्द्र फडनवीस सरकार को समर्थन देने की घोषणा करने में जरा भी देर नहीं लगाई थी। इतना ही नहीं गुजरात विधानसभा चुनाव में भी शरद पवार ने दांव खेला था। भाजपा का सहयोग करने के लिए ही एनसीपी ने कांग्रेस से अलग अपने प्रत्याशी खड़े किए। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी भी मानते हैं कि यदि एनसीपी ने गुजरात का चुनाव साथ लड़ा होता तो वहां कांग्रेस की सरकार सत्ता में होती।

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