content-cover-image

गोगोई के पास न सोना, न चांदी और न घर

मुख्य खबरें

00:00

ट्रेंडिंग रेडियो

गोगोई के पास न सोना, न चांदी और न घर

रंजन गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट के 46वें चीफ जस्टिस के रूप में बुधवार को कार्यभार संभाल लिया। पूर्वोत्तर से देश के चीफ जस्टिस बनने वाले वह पहले न्‍यायाधीश हैं । मुख्य न्यायाधीश के तौर पर उनका करीब 14 महीने का कार्यकाल है, वह 17 नवंबर 2019 तक इस पद पर रहेंगे। रंजन गोगोई के पिता केशब चंद्र गोगोई असम के मुख्‍यमंत्री रहे हैं। जस्टिस रंजन गोगोई के पास सोने की एक ज्वैलरी भी नहीं है। उनकी पत्नी के पास भी सिर्फ उनकी शादी के समय पर उनके परिजनों से मिली ज्वैलरी ही है। उनके पास अपना खुद का कोई वाहन भी नहीं है। इसके साथ ही कोई लोन, कर्ज या कोई बिल भी बकाया नहीं है। हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के अन्य जजों की तरह जस्टिस गोगोई को स्टॉक मार्केट में भी कोई दिलचस्पी नहीं है। गोगोई और उनकी पत्नी के पास कुल 30 लाख रुपए की संपत्ति हैं। साल 1999 में जस्टिस गोगोई ने गुवाहटी के बेलटोला इलाके में एक प्लॉट खरीदा था, जिसे उन्होंने 65 लाख रुपए में बेच दिया था। अपनी संपत्ति के हलफनामे में जस्टिस गोगोई ने उस प्लॉट के खरीददार के नाम का जिक्र भी किया है। सुप्रीम कोर्ट के एक जज का वेतन कुछ समय पहले तक एक लाख रुपए महीना ही होता था। जिसे बढ़ाकर 2.5 लाख रुपए कर दिया गया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट जज को कई अन्य भत्ते और आवास आदि की सुविधा मिलती है।

Show more
content-cover-image
गोगोई के पास न सोना, न चांदी और न घर मुख्य खबरें