content-cover-image

एक्टिंग छोड़ ढाबे पर करते थे काम ..

मुख्य खबरें

00:00

ट्रेंडिंग रेडियो

एक्टिंग छोड़ ढाबे पर करते थे काम ..

संजय मिश्रा की एक्टिंग देख इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल है कि वह सिर्फ कॉमेडियन हैं। अपनी एक्टिंग के दम पर संजय मिश्रा ने बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। संजय ने अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन सीरियल ‘चाणक्य’ से की थी, इससे पहले उन्हें अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का कई बार मौका मिला लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब ये एक्टिंग छोड़-छाड़कर एक ढाबे पर काम करने लग गए थे। 'कड़वी हवा' और 'अंग्रेजी में कहते हैं' जैसी फिल्मों से अपने अभिनय की नई बयार बहाने वाले संजय मिश्रा 'टोटल धमाल' और 'कामयाब' में नजर आने वाले हैं। 2015 में संजय को ‘आंखों देखी’ के लिए फिल्मफेयर क्रिटिक अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्टर से नवाजा गया था। दरअसल जब उनके पिता का देहांत हुआ तो इस घटना ने उन्हें ऐसा झकझोरा कि वो गुमशुदा हो गए और अकेला महसूस करने लगे। उनका कहीं मन नहीं लग रहा था। उनका मन वापस मुंबई जाने का भी नहीं हुआ और एक्टिंग छोड़ दी। एक दिन अचानक ही संजय ने घर छोड़ दिया और ऋषिकेश चले गए। वहां उन्होंने एक ढाबे पर ऑमलेट बनाने का काम करना शुरू कर दिया था । संजय सौ से भी ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके थे लेकिन इतनी फिल्मों के बाद भी उन्हें वो सफलता नहीं मिली जिसके वो हकदार थे। लेकिन जब रोहित शेट्टी ने उन्हें अपनी फिल्म में लेने के लिए कांटेक्ट किया तो संजय मिश्रा फिल्मों में लौटने को तैयार नहीं थे, लेकिन रोहित ने उन्हें मनाया और फिल्म में साइन किया। इसके बाद तो फिर संजय ने पलटकर नहीं देखा। कभी मुफलिसी में दिन बिताने के लिए मजबूर हुए संजय मिश्रा को पास आज किसी चीज की भी कमी नहीं है लेकिन बावजूद इसके संजय बेहद साधारण जिंदगी बिताते हैं।

Show more
content-cover-image
एक्टिंग छोड़ ढाबे पर करते थे काम ..मुख्य खबरें