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अन्नपूर्णा देवी का निधन

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अन्नपूर्णा देवी का निधन

भारत रत्न से सम्मानित दिवंगत सितारवादक पंडित रविशंकर की पूर्व पत्नी एवं हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की दिग्गज संगीतकार अन्नपूर्णा देवी का शनिवार तड़के मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। वह 91 वर्ष की थीं। वह पिछले कुछ वर्षों से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। उन्हें तड़के तीन बजकर 51 मिनट पर मृत घोषित किया गया। उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। अन्नपूर्णा देवी का जन्म मध्य प्रदेश के मैहर शहर में उस्ताद ‘बाबा’ अलाउद्दीन खान और मदीना बेगम के घर में हुआ था। प्यार से लोग उन्हें ‘मां’ बुलाते थे। वह चार भाई-बहनों में वह सबसे छोटी थीं। महान सरोद वादक उस्ताद अली अकबर खान उनके भाई थे। अन्नपूर्णा देवी अपने पिता की शिष्या थीं। पांच साल की छोटी उम्र से ही उन्होंने संगीत की शिक्षा आरंभ की और और वह सितार से लेकर सुरबहार तक में पारंगत हो गईं। अपने जीवन का ज्यादातर हिस्सा उन्होंने एकांतवास में बिताया। उन्होंने अपना ज्यादातर समय चुनिंदा छात्रों के समूह को प्रशिक्षित करने में व्यतीत किया। उन्होंने सितारवादक पंडित रविशंकर से शादी की थी और उनका एक बेटा शुभेन्द्र ‘शुभो’ शंकर था, जिनका 1992 में निधन हो गया था। रविशंकर से विवाह के बाद उन्होंने मंचों पर सितार बजाना बंद कर दिया था । इसलिए कि वो रविशंकर से ज्यादा अच्छा सितार बजाती थीं । संगीत प्रेमी उनके आगे उनके पति को नकार नहीं दें इसलिए उन्होंने मंच का त्याग किया था । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके निधन पर शोक जताया है।

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