content-cover-image

नेशनल खेले, पदक जीते पर नहीं मिले सर्टीफिकेट

मुख्य खबरें

00:00

ट्रेंडिंग रेडियो

नेशनल खेले, पदक जीते पर नहीं मिले सर्टीफिकेट

भारतीय तीरंदाजी संघ में विवादों का खामियाजा देश के उभरते तीरंदाजों को भुगतना पड़ रहा है। हाल यह है कि इस साल फरवरी और मार्च में हुई राष्ट्रीय सीनियर, जूनियर और पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप में खेलने और पदक जीतने वाले तीरंदाजों को अब तक सर्टीफिकेट प्रदान नहीं किए गए हैं। तीरंदाजी संघ में तीरंदाजों की ओर से सर्टीफिकेट जारी किए जाने की प्रार्थनाओं का अंबार लग गया है। किसी की नौकरी रुकी है तो किसी को एडमीशन, स्कॉलरशिप या फिर कैश अवार्ड के लिए सर्टीफिकेट की जरूरत है। बावजूद इसके इन्हें जारी नहीं किया जा रहा है। नेशनल में खेलने वाले पदक विजेताओं को हाथ के हाथ पदक और सर्टीफिकेट प्रदान किया जाता है, लेकिन तत्कालीन तीरंदाजी संघ ने भोपाल, भुवनेश्वर और रोहतक में तीनों राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन कराने के दौरान ऐसा नहीं किया। भाग लेने वाले तीरंदाजों को बाद में सर्टीफिकेट भेजे जाते हैं, लेकिन पांच माह बीत जाने के बाद उन्हें भी सर्टीफिकेट नहीं भेजे गए। जूनियर नेशनल में गोल्ड जीतने वाले पंजाब के एक तीरंदाज को पुलिस में भर्ती के लिए सर्टीफिकेट लगाना है। वह कई बार तीरंदाजी संघ से गुहार लगा चुका है, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला। इसी तरह हरियाणा के तीरंदाजों को राज्य से कैश अवार्ड हासिल करना है। वह भी सर्टीफिकेट के लिए भटक रहे हैं। दिल्ली के कुछ तीरंदाजों को एडमीशन के लिए सर्टीफिकेट की जरूरत थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। नतीजन उन्हें स्पोट्र्स कोटे के एडमीशन से हाथ धोना पड़ा। तीरंदाजी संघ के सहायक सचिव गुंजन एबरोल का कहना है कि नेशनल कराने वाली कार्यकारिणी ने सर्टीफिकेट पर हस्ताक्षर नहीं किए। उसके बाद मामला अदालत में चला गया। अब इन सर्टीफिकेट पर कोई हस्ताक्षर करने वाला नहीं है। गुंजन यह भी स्वीकार करते हैं कि सर्टीफिकेट के बारे में बड़ी संख्या में तीरंदाजों की प्रार्थनाएं आ रखी हैं।

Show more
content-cover-image
नेशनल खेले, पदक जीते पर नहीं मिले सर्टीफिकेटमुख्य खबरें