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Spl: Arun Jaitley इस अजीब बीमारी से हैं पीड़ित, जानिए बीमारी के लक्षण, कारण, इलाज

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Spl: Arun Jaitley इस अजीब बीमारी से हैं पीड़ित, जानिए बीमारी के लक्षण, कारण, इलाज

लंबे समय से बीमार चल रहे पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की हालत गंभीर होती जा रही है। 66 वर्षीय जेटली पिछले हफ्ते से दिल्ली एम्स में आईसीयू में एडमिट हैं। खबर है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उनका हालचाल पूछने अस्पताल जाएंगे। जेटली को सांस में तकलीफ होने पर पिछले शुक्रवार, 9 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय डॉक्टरों ने मेडिकल रिपोर्ट में बताया था कि उनकी हालत में सुधार हो रहा है लेकिन अब एक बार फिर उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो रही है। डॉक्टरों की एक टीम जेटली की निगरानी कर रही है, जिसमें एंडोक्रिनोलॉजिस्ट्स, कार्डियोलॉजिस्ट्स और नेफ्रोलॉजिस्ट्स भी शामिल हैं। डॉक्टरों ने कहा था कि उनकी हालत नाजुक लेकिन 'हीमोडायनैमिकली' स्थिर है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। 'हीमोडायनैमिकली' स्थिर होने का अर्थ है कि मरीज का दिल ठीक तरीके से काम कर रहा है और उसके शरीर में रक्त का संचार सामान्य है। उसके बाद एम्स ने अभी तक जेटली के स्वास्थ्य के संबंध में कोई बुलिटेन जारी नहीं किया है। जेटली का स्वास्थ्य खराब होने से लोगों में बेचैनी पैदा हो गई है। सोशल मीडिया पर लोग अरुण जेटली के लिए दुआएं मांग रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोगों को डर है कि हो सकता है कि अरुण जेटली की हालत काफी गंभीर है। जेटली कई स्वास्थ्य स्थितियों से पीड़ित हैं, जिनमें डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर शामिल हैं। अतिरिक्त वजन कम करने के लिए उन्होंने सितंबर 2014 में बेरिएट्रिक सर्जरी कराई। उन्होंने मई 2018 में एक किडनी ट्रांसप्लांट भी कराया था। आपको बता दें कि पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली काफी समय से अस्वस्थ चल रहे हैं। किडनी संबंधी बीमारी से ग्रसित अरुण जेटली का पिछले साल मई में किडनी प्रत्यारोपण हुआ था। लेकिन किडनी के साथ-साथ जेटली कैंसर से भी जूझ रहे हैं। उनके बायें पैर में सॉफ्ट टिशू कैंसर हो गया है जिसकी सर्जरी के लिए जेटली इसी साल जनवरी में अमेरिका भी गए थे। वो सितंबर 2014 में डायबिटीज मैनेज के लिए गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी करा चुके हैं। इसके अलावा वो साल 2005 में हार्ट सर्जरी भी करा चुके हैं। मोदी सरकार के दोबारा मंत्रिमंडल गठित होने दौरान जेटली ने एक पत्र लिखकर पीएम मोदी से मंत्रिमंडल में न शामिल करने का अनुरोध किया था। उन्होंने पत्र में लिखा कि मुझे मंत्री बनाने पर विचार न करें। आपको बता दें की अरुण जेटली पिछले कई महीनों से सॉफ्ट टिश्यू सरकोमा से पीड़ित हैं। यह एक तरह के कैंसर का प्रकार है और यह तब होता है, जब कोशिकाएं डीएनए के भीतर विकसित होने लगती हैं। यह कोशिकाओं में ट्यूमर के रूप में विकसित होता है और शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैलने लगता है। यानी यह बीमारी शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है, खासकर व्यक्ति के कंधों और पैरों को अधिक प्रभावित करती है। ये किसी भी उम्र में हो सकता है। सर्जरी के जरिये इसे निकाला जा सकता है। हालांकि रेडिएशन और कीमोथेरेपी के जरिये भी इसका इलाज संभव है लेकिन यह इसके साइज, प्रकार और जगह पर निर्भर करता है। इस बीमारी को लेकर दुखद यह है कि इसके लक्षण शुरूआती चरण में नजर नहीं आते हैं। किसी व्यक्ति को जब मांसपेशियों और नसों में तेज दर्द रहने लगे तो उसे सावधान हो जाना चाहिए।

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