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J-K: घाटी का माहौल बिगाड़ने वाले स्लीपर सेल सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती

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J-K: घाटी का माहौल बिगाड़ने वाले स्लीपर सेल सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद लगाई गई बंदिशों को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। लेकिन घाटी का माहौल बिगाड़ने वाले स्लीपर सेल सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन गए हैं। ये वही स्लीपर सेल हैं, जो पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों और कश्मीरी अलगाववादियों के बीच कड़ी का काम करते हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस बात को मानती हैं कि मोबाइल इंटरनेट चालू होते ही ये स्लीपर सेल घाटी का माहौल बिगाड़ने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे। सोमवार को जम्मू कश्मीर को लेकर गृह मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि घाटी में फिलहाल सभी जगहों पर मोबाइल इंटरनेट चालू नहीं किया जाएगा। हालांकि जम्मू-कश्मीर के कई राजनीतिक दलों भी अप्रत्यक्ष तौर पर इस कड़ी का हिस्सा बताए गए हैं। स्लीपर सेल में कथित रूप से राजस्व, वन, शिक्षा एवं खेल, परिवहन, दूरसंचार और लोक निर्माण आदि महकमों के कई कर्मी शामिल हैं।

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