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World Senior Citizen's Day: युवाओं को मात देता बुजुर्गों का यह हौसला

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World Senior Citizen's Day: युवाओं को मात देता बुजुर्गों का यह हौसला

उम्र 80 साल। रिटायर होकर घर बैठने वाली बात दिमाग में आए, उससे पहले जान लीजिए कि इनके हौसले अभी भी जवां हैं। कमजोर काया भले है, लेकिन इरादे बुलंद हैं। दिनचर्या ऐसी कि युवा भी शरमा जाएं। अपने दैनिक कार्यों के बीच समाज का ऋण अदा करने का इनका जज्बा काबिले तारीफ है। विश्व बुजुर्ग दिवस पर कुछ ऐसे ही बुजुर्ग समाज में साक्षरता की ज्योति जलाने में व्यस्त हैं। फ्री में देते हैं कानूनी सलाह वरिष्ठ नागरिकों की एक संस्था से जुड़े 80 साल के पीएन मोंगिया करीब 63 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं और वकील भी हैं। घर में कई युवाओं को रोज पढ़ाते हैं। कानूनी सलाह की जिन्हें जरूरत होती है, वे भी मोंगिया के पास पहुंचना नहीं भूलते। फ्री में कई वर्षों से कानूनी सलाह दे रहे हैं। इसके बाद भी अगर समय बचता है तो पौधारोपण और पेड़ों की देखभाल करने के साथ दूसरों को भी प्रेरित करते हैं। स्लम एरिया में लगाती हैं 2 घंटे की क्लास करीब 5 सालों से गुड़गांव में रह रहीं 62 वर्षीय तापसी बनर्जी के पति जनरल गौतम बनर्जी सेना से रिटायर हुए हैं। पति के जॉब करने के दौरान तापसी सामाजिक कार्यों में जुड़ी रहती थीं। अब भी उनकी यह आदत नहीं बदली है। तापसी रोजाना स्लम एरिया में बच्चों के लिए 2 घंटे की क्लास में पढ़ाने के साथ संगीत भी सिखाती हैं। स्लम एरिया में घूमते बच्चों को देख उन्होंने शिक्षित करने का फैसला किया। भटनागर बने पर्यावरण के प्रहरी साउथ सिटी दो गुड़गांव में रहने वाले 65 साल के जीके भटनागर सुधा सोसायटी के प्रेजिडेंट हैं। रिटायर होने के बाद भटनागर कई बुजुर्गों और युवकों के साथ सामाजिक कार्यों में पूरे दिन व्यस्त रहते हैं। गरीब बच्चों को पढ़ाने के साथ ही युवकों को भी विभिन्न विषयों की जानकारी देते हैं। समाज को शिक्षित बनाने के साथ ही पर्यावरण सुरक्षा के भी प्रहरी है। सोसायटी के बुजुर्गों को साथ लेकर स्वच्छता और पौधरोपण इनकी दिनचर्या में शुमार रहता है।

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