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Spl: 'हरामी नाला', जिसके ज़रिए भारत में घुसना चाहते हैं पाकिस्तानी

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Spl: 'हरामी नाला', जिसके ज़रिए भारत में घुसना चाहते हैं पाकिस्तानी

खुफिया एजेंसियों की ओर से हाल ही में कच्छ की खाड़ी में पाकिस्तान द्वारा प्रशिक्षित कमांडो के घुसपैठ की आशंका जताए जाने के पूरे गुजरात में अलर्ट जारी करने के साथ ही अधिकारियों को चौकसी बढ़ाने का निर्देश दिया गया। खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई कि ये पाकिस्तानी कमांडो जल मार्ग से हमला करने में प्रशिक्षित हैं और सरक्रीक इलाके में 'हरामी नाला' के जरिए गुजरात में घुसपैठ कर सकते हैं। खूफिया एजेंसियों की इस आशंका के बाद दीनदयाल पोर्ट ट्रस्ट (कांडला) सहित सभी बंदरगाहों की सुरक्षा बढ़ा दी गई । बंदरगाहों को सुरक्षा के व्यापक उपाय करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भी कहा गया। इस साड़ी जानकारी के बीच आपको एक अद्भुत मियाद(term) सुनाई दिया होगा, 'हरामी नाला . तो जानिए क्या है ये 'हरामी नाला' और क्यों पड़ा इसका ये नाम ... स्थानीय लोग इसे 'हरामी नाला' कहते हैं जबकि बाकी दुनिया इसे सर क्रीक के नाम से जानती है। रण ऑफ कच्छ का यह 100 किलोमीटर का दायरा विवादिद माना जाता है। भारत और पाकिस्तान दोनों वर्षों से इस क्षेत्र पर अपना दावा करते आए हैं। इस इलाके का राजनीतिक, ऐतिहासिक और आर्थिक महत्व भी है। क्रीक के इन हिस्सों में तेल एवं गैस का भंडार होने की संभावना जताई जाती है। इसके अलावा सर क्रीक का क्षेत्र मछली पकड़ने के लिए मुफीद माना जाता है। यहां की भौगोलिक परिस्थितियां ऐसी हैं कि इस इलाके का इस्तेमाल मछुआरे, अपराधी, तस्कर एवं पाकिस्तानी घुसपैठिए करते आए हैं। कहा जाता है कि साल 2008 में मुंबई में हमले के लिए आतंकवादियों ने सरक्रीक से भारतीय मछुआरा बोट 'कुबेर' को उठाया था। सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों का कहना है कि सरक्रीक में नियमित रूप से घुसपैठ की कोशिशें होती हैं और पाकिस्तानी आतंकवादी मछुआरे के भेष में भारत में दाखिल होने की अफसल कोशिश करते हैं। इस इलाके में मछली पकड़ने की मनाही है फिर भी मछुआरे मछली पकड़ने के लिए आते हैं जिन्हें भारत और पाकिस्तान अपने हिरासत में लेते हैं। गत 24 अगस्त को बीएसएफ को क्रीक क्षेत्र के 'हरामी नाले' में पाकिस्तान के मछुआरों की दो नाव मिली। खैर, वापस गतिविधियों की जानकारी की बात करें तो पाकिस्तानी कमांडो क भारतीय क्षेत्र में दाखिल होने की आशंका के बाद गुजरात के सभी बंदरगाहों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। गुजरात के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बीते गुरुवार को कहा कि 'सभी सुरक्षा एजेंसियों के लोग कांडला बंदरगाह पहुंच गए हैं और बंदरगाह की सुरक्षा बढ़ाई गई है। खुफिया अलर्ट के बाद तटरक्षक, नौसेना, मरीन और स्थानीय पुलिस को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। सुरक्षा के लिए कदम पहले ही उठा लिए गए हैं।' वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्टेट रिजर्व पुलिस (एसआरपी) के करीब 60 जवानों को लाइट मशीन गन के साथ जांच चौकियों पर तैनात किया गया है। बता दें कि गुजरात के तटवर्ती इलाके जामनगर में देश का दूसरा सबसे बड़ा आयल रिफाइनरी स्थित है। मंगलवार को सीआईएसएफ के 100 से ज्यादा कमांडो इस रिफाइनरी की सुरक्षा में तैनात हुए। वाडीनगर स्थित नायरा एनर्जी लिमिटेड (एस्सार ऑयल लिमिटेड) की स्वामित्व वाली यह रिफाइनरी सशस्त्र सुरक्षा पानी वाली निजी क्षेत्र का 10वां प्रतिष्ठान है। हमले की आशंका को देखते हुए गुजरात पुलिस सुरक्षा के सभी एहतियातन कदम उठा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है।

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