content-cover-image

फोन में है ये एप तो नहीं देने पड़ेंगे लाइसेंस और गाड़ी के दस्तावेज़

मुख्य खबरें

00:00

ट्रेंडिंग रेडियो

फोन में है ये एप तो नहीं देने पड़ेंगे लाइसेंस और गाड़ी के दस्तावेज़

एक सितंबर से ट्रैफिक चालान की राशि में काफी बढ़ोतरी हो गई है। हालांकि कई राज्यों में यह नियम सोमवार को लागू नहीं हो पाए थे, क्योंकि सॉफ्टवेयर में अपडेट नहीं हुआ था। अब धीरे-धीरे ज्यादातर राज्यों में यह नियम लागू हो रहे हैं। नए नियम लागू होने के बाद कईयों के भारी-भरकम चालान कटे हैं, लेकिन यदि आपके पास सिर्फ एक मोबाइल एप है तो आप चालान से बच सकते हैं। दरअसल पिछले साल परिवहन मंत्रालय ने आईटी एक्ट के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा था कि अब ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और इंश्योरेंस पेपर जैसे दस्तावेजों की ऑरिजनल कॉपी सत्यापन के लिए न ली जाए। मंत्रालय ने कहा था कि डिजिलॉकर और एमपरिवहन एप पर मौजूद दस्तावेज की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी को वैध माना जाएगा। केंद्र सरकार ने राज्यों के परिवहन विभागों और ट्रैफिक पुलिस को इस संबंध में निर्देश देते हुए कहा था कि वे सत्यापन के लिए दस्तावेजों की ऑरिजिनल कॉपी न लें। ऐसे में अब ट्रैफिक पुलिस अपने पास मौजूद मोबाइल से ड्राइवर या परिवहन की जानकारी क्यूआर कोड के जरिए अपने डाटाबेस से निकाल सकती है और ड्राइवर द्वारा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने का भी रिकॉर्ड रख सकती है।

Show more
content-cover-image
फोन में है ये एप तो नहीं देने पड़ेंगे लाइसेंस और गाड़ी के दस्तावेज़ मुख्य खबरें