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Spl: आज इतिहास रचेगा भारत! Wish Team Chandrayaan 2 All the Best..

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Spl: आज इतिहास रचेगा भारत! Wish Team Chandrayaan 2 All the Best..

Doston aaj ham itihas rachne ja rahe hain! rचंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात 1.30 से 2.30 बजे के बीच चांद के दक्षिण ध्रुव पर soft landing karega. Bata dein ki chandrayan 1 ne chand ki satah par crsh landing ki thi। विक्रम में से रोवर प्रज्ञान सुबह 5.30 से 6.30 के बीच बाहर आएगा। प्रज्ञान चंद्रमा की सतह पर एक लूनर डे में ही कई प्रयोग करेगा। चांद का एक दिन धरती के 14 दिन के बराबर होता है। हालांकि, चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगा रहा ऑर्बिटर एक साल तक मिशन पर काम करता रहेगा। bata dein अगर लैंडर विक्रम चंद्रमा की ऐसी सतह पर उतरता है जहां 12 डिग्री से ज्यादा ki ढलान है तो उसके पलटने का खतरा रहेगा। चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 के उतरने की घटना का गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसरो मुख्यालय में मौजूद रहेंगे। मोदी के साथ स्पेस क्विज जीतने वाले देशभर के 70 बच्चे और उनके माता-पिता को भी इसरो ने आमंत्रित किया है। इससे पहले अमेरिका, चीन और रूस के यान चांद के दूसरे हिस्से में उतर चुके हैं। पृथ्वी से 22 जुलाई को निकला अपना चंद्रयान-2 आज देर रात yani सात सितंबर की रात चंद्रमा की सतह पर उतरेगा। इस पूरे समय इसने बिना किसी बाधा और अड़चन के अपनी यात्रा पूरी की। लेकिन सबसे रोचक और रोमांचक चंद्रमा की सतह पर उतरने से पहले के 30 मिनट होंगे, जिसमें हर मिनट उसके लिए एक परीक्षा होगा। इसरो ने इसे मिशन का सबसे चुनौतीपूर्ण काम माना है। अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत चांद की सतह पर पहुंचने वाला दुनिया का चौथा देश बनेगा। ye special isliye hai kyonki चंद्रयान-2 दुनिया का पहला ऐसा यान है, जो चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। इससे पहले चीन के चांग'ई-4 यान ने दक्षिणी ध्रुव से कुछ दूरी पर लैंडिंग की थी। अब तक यह क्षेत्र वैज्ञानिकों के लिए अनजान बना हुआ है। चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर मैग्नीशियम, कैल्शियम और लोहे जैसे खनिजों को खोजने का प्रयास करेगा। वह चांद के वातावरण और इसके इतिहास पर भी डेटा जुटाएगा। इसरो को चंद्रयान-2 की सफलता का पूरा भरोसा है। माधवन नायर ka kehna hai, हम ऐतिहासिक पल के साक्षी होने जा रहे हैं। 100% सफलता मिलेगी। Ameen! भारत ने 10 साल में एक के बाद एक सबसे कम खर्च में 20 से ज्यादा सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे हैं। इनकी लागत दुनिया में अन्य देशों के मिशनों के खर्च की तुलना में आधे से कम रही है। ऐसा इसरो ने देश के युवा टैलेंट पर भरोसा और विदेशी वैज्ञानिक बुलाना बंद करके किया है। इन मिशनों को बहुत ही कम समय में पूरा किया है। चंद्रयान-2 प्रोजेक्ट पर 978 करोड़ रु. खर्च हुए हैं। यह हाल में आई हॉलीवुड फिल्म एवेंजर्स-एंडगेम की लागत से bhi कम है। भारत 10 साल में सबसे कम खर्च में सफल स्पेस मिशन भेजने वाला दुनिया का सुपर पावर बन चुका है। Doston, history is in the making! hindustan itihas rachne ki kagar par khada hai. Team Chandrayaan aur hamare desh bharat ko aap sab ki shubhkamnaon ki is waqt behad zaroorat hai.. ateh aap sub se nivedan hai ki aaj din bhar is mission ki saafalta ke liye apne mann mein prarthna karte rahein aur agar aap team chandryaan ko apni best wishes dena chahte hain to comment box mein likh kar ya bol kar apni wishes un tak pahuncha sakte hain.

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