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Spl: सदन में पोर्न देखने वाले उप मुख्यमंत्री की कहानी

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Spl: सदन में पोर्न देखने वाले उप मुख्यमंत्री की कहानी

कर्नाटक ने मानो भारतीय जनता पार्टी के हालिया तय अघोषित मानकों को चुनौती देने की ठान रखी है। पहले बीएस येदियुरप्पा 76 वर्ष में मुख्यमंत्री बने, जिसने 75 वर्ष पार के नियम को धता बताया। फिर विधानसभा में बैठकर मोबाइल पर अश्लील क्लिप देखने वाले 59 वर्षीय लक्ष्मण सावदी उप मुख्यमंत्री बना दिए गए। वो भी तब जब वे न तो विधायक हैं और न एमएलसी। दरअसल लक्ष्मण सावदी का नाम कर्नाटक के मजबूत लिंगायत नेताओं में आता है। वे बेलगावी जिले की अथानी विधानसभा से लगातार तीन बार विधायक रहे हैं। हालांकि 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में इसी विधानसभा से दो हजार से अधिक वोटों से हारे भी। कर्नाटक के एक व्यापारी बताते हैं कि सावदी मुख्यमंत्री येदियुरप्पा की पसंद हैं। साथ ही हाल ही में कनार्टक में हुए सत्ता परिवर्तन के दौरान ‘ऑपरेशन लोटस’ में उन्होंने छह कांग्रेसी विधायकों को भाजपा के पक्ष में किया था। उनकी संगठन क्षमता भी बेहद प्रभावशाली है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के चेयरमैन प्रोफेसर त्रिलोचन शास्त्री ने कहा कि राजनीति में अब उनका बोलबाला है जिनके पास या तो वोट हैं, पैसा है या फिर विधायक हैं। शास्त्री कहते हैं कि कर्नाटक में ऐसे लोगों का बोलबाला लगातार बढ़ता जा रहा है। लोकतंत्र के लिए यह बेहद खतरनाक है। आमजनता की सेवा के नाम पर लोग राजनीति में आते हैं लेकिन वास्तविकता कुछ और ही होती है। उत्तरी कर्नाटक के बड़े सहकारी नेता सावदी को अच्छाभाषण देने के लिए भी जाना जाता है। सावदी की राजनीति में रसूख भी 1990 के दशक में सहकारी बैंक के चुनाव के समय ही आया। 20 august 2019 के दिन सावदी को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद से बीजेपी में ही विरोध शुरू हो गया था। बीजेपी विधायक और सीएम के सहयोगी एमपी रेनुकाचार्य ने लक्ष्मण की नियुक्ति का विरोध किया है। कहा कि उन्हें (लक्ष्मण सावदी) चुनाव हारने के बावजूद मंत्री के रूप में शामिल करने की क्या आवश्यकता थी। इसके साथ ही महिला संगठनों ने भी सावदी को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का विरोध किया है। वहीं उप मुख्यमंत्री बनने के बाद सावदी ने कहा कि मैं पार्टी को मजबूत बनाऊंगा और हमारी सरकार अच्छा काम करेगी। गौरतलब है कि सावदी 2012 में विधानसभा में पोर्न देखते हुए पाए गए थे। जब वीडियो सामने आया तो सावदी ने कहा कि मैं वीडियो सिर्फ शिक्षा पाने के लिए देख रहा था जिससे मुझे रेव पार्टी के बारे में पता लग सके। हालांकि इसके बाद जब इस मामले में हंगामा बढ़ा तो लक्ष्मण के साथ साथ सीसी पाटिल और कृष्णा पालेमर को कर्नाटक में मंत्री पद से इस्तीफा दिया। और उन्ही सीसी पाटिल को भी इस बार येदियुरप्पा सरकार में भूविज्ञान मंत्रालय सौंपा गया है। इन नेताओं की हरकतों से इनकी देश को लेकर सहजता और जनता को लेकर चिंता कितनी है, उसका अंदाजा तो अब आप भी लगा सकते हैं. लेकिन ये भी सही ही है कि दूसरा मौका सबको मिलना चाहिए..तो देखते हैं कर्नाटक में किस तरह के काम किये जाते हैं. उम्मीद इतनी करते हैं कि ये मंत्री जन शिक्षा के लिए बेहतर स्त्रोत बनाएंगे .

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