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Imran का कबूलनामा- जेहादियों को PAK ने ही दी ट्रेनिंग

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Imran का कबूलनामा- जेहादियों को PAK ने ही दी ट्रेनिंग

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि उनके देश को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका का साथ देने की भारी कीमत चुकानी पड़ी है. पाक पीएम ने कहा कि अमेरिका ने अंत में अफगानिस्तान में अपनी नाकामी का दोष पाकिस्तान के सिर पर मढ़ दिया जोकि सही नहीं है. खान ने कबूल किया कि शीत युद्ध के दौरान अफगानिस्तान में सोवियत संघ से लड़ने के लिए पाकिस्तान ने ही जिहादियों को तैयार किया था जिसकी फंडिंग अमेरिका ने ही की थी. लेकिन एक दशक बाद अमेरिका ने इन्हीं जिहादियों को आतंकवादी घोषित कर दिया. इमरान के मुताबिक़, उन्हें लगता है कि पाकिस्तान को तटस्थ बने रहना चाहिए था. इमरान ने कहा, उनके देश ने 70,000 लोगों की जानें गंवाई और अर्थव्यवस्था को 100 अरब डॉलर का नुकसान हुआ. अंत में, अफगानिस्तान में सफल नहीं होने पर अमेरिकियों को नहीं बल्कि हमें ही जिम्मेदार ठहराया गया. उन्हें लगता है कि ये पाकिस्तान के साथ अन्याय है. अफगान वार्ता रद्द होने से पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ गई हैं. अमेरिका तालिबान को सीजफायर के लिए तैयार होने के लिए पाकिस्तान पर पहले से ज्यादा दबाव बढ़ाएगा. दूसरी तरफ, पाकिस्तान कश्मीर पर समर्थन जुटाने के लिए भी अमेरिका के सामने तालिबान कार्ड खेलता रहा है. वार्ता रद्द होने से पाकिस्तान को झटका लगा है. हालांकि, भारत के लिए यह राहत की बात है क्योंकि इसी महीने अफगानिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं. भारत के काबुल की सरकार के साथ मजबूत रिश्ते हैं और उसने तालिबान को एक वैध राजनीतिक दल के तौर पर मान्यता नहीं दी है. भारत अमेरिकी-तालिबान वार्ता को घातक बताता रहा है.

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