content-cover-image

Khabri की मुहिम, अब झूठी ख़बरों का होगा पर्दाफ़ाश

मुख्य खबरें

00:00

ट्रेंडिंग रेडियो

Khabri की मुहिम, अब झूठी ख़बरों का होगा पर्दाफ़ाश

पत्रकारिता के इस दौर में ख़बरों का भण्डार आपको हर तरफ़ मिल जाएगा. अब पत्रकारिता महज़ व्यवसाय की तरह सीमित नहीं रही है. आम आदमी भी खुद को आज एक रिपोर्टर से कम नहीं आंकता. मान्यता प्राप्त , प्रसिद्ध News Channels, Digital News Organisations और अखबार खुद, आम जन से एक रिपोर्टर की तरह सचेत और सावधान रहने की अपील करते हैं. देखा जाए तो सामाजिक तौर पर ये अच्छा भी है, क्यूंकि हर नागरिक को ज़िम्मेदार और चौकन्ना होना ही चाहिए. इसी प्रकार की पत्रकारिता और बढ़ती तकनीक ने जन्म दिया 'MOJO' यानी 'Mobile Journalism' को. mobile phone के इस ज़माने में खबरें एकत्रित करने के लिए निश्चित ही किसी high professional microphone और quality camera की आवश्यकता नहीं है. आज हर ज़रूरत पूरी कर रहा है सिर्फ एक mobile phone . हाँ; वो बात अलग है कि इसका सही उपयोग करने के लिए आपको काफ़ी बुद्धिमता की भी आवश्यकता होती है. आज अपनी आवाज़ भी लोंगो तक पहुंचाने के लिए ज़्यादा जद्दोजहत नहीं करनी होती. Social Media Platforms और Messenger Apps की कृपा से एक post हो या message, मिनटों में लाखों लोंगों तक पहुँच सकता है. ये लाभकारी है, जब किसी प्रिय घटना, सटीक जानकारी या फायदेमंद अपील को लोंगों तक पहुँचाना हो. लेकिन पत्रकारिता का यही रूप हानिकारक तब हो सकता है जब इसका दुरूपयोग होना शुरू हो जाये. और आज हम ना चाहकर भी ऐसे ही दौर से गुज़र रहे हैं. यही कारण है कि Khabri अपने श्रोताओं को, और भी योग्य व जानकार बनाने के उद्द्देश्य से लेकर आया है एक नई श्रृंखला , जिसमें हम आपको अवगत कराएंगे "Trend" कर रहीं झूठी ख़बरों की सच्चाई से . उदहारण के तौर पर पिछले चंद महीनों से Whatsapp पर एक message काफी तेज़ी से viral हो रहा है जिसमें ये लिखा है कि भारत में मोदी सरकार जल्द ही whatsapp के उपयोग पर एक समय प्रतिबंध लगा देगी. इस message में आगे ये दावा किया गया है कि हर महीने 499 रुपए का चार्ज गैर-शौक़ीन users पर भी लगाया जाएगा. पिछले कुछ वक़्त से whatsapp पर users को इस तरह के forward किये गए message मिल रहे हैं. Viral हो रहे इस मैसेज में ये भी लिखा है कि whatsapp भारत में रात 11:30 बजे से सुबह 6 बजे के बीच बंद कर दिया जाएगा. हालाकि जब इस message की पड़ताल की गयी तब पता चला की दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय यानी IT द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है. message की जांच करने पर ये भी सामने आया कि इसमें लिखे दावों में से कोई भी बात सही नहीं है. ना तो सरकार ऐसा कोई प्रतिबंध लगा रही है और ना social media company भारत में अपने users पर कोई शुल्क लगाने वाली है. हम Khabri में यकीन रखते हैं सच्चाई, सही जानकारी और सटीक ख़बरों में, इसलिए अब आप हर हफ्ते शनिवार के दिन सुन सकेंगे हमारी special report जिसमे ऐसी ही गुमराह करने वाली कुछ झूठी ख़बरों का होगा पर्दाफ़ाश. जुड़े रहें हमारी इस पहल से, और सुनते रहे Khabri !

Show more
content-cover-image
Khabri की मुहिम, अब झूठी ख़बरों का होगा पर्दाफ़ाशमुख्य खबरें