content-cover-image

Gujarat Regional News 21st October

मुख्य खबरें

00:00

ट्रेंडिंग रेडियो

Gujarat Regional News 21st October

कमलेश तिवारी की हत्या करने से पहले हमलावर अशफाक ने अपने एक साथी एमआर रोहित सोलंकी के नाम से फर्जी आधार कार्ड और फेसबुक अकाउंट बना लिया था। इसी छद्म पहचान के आधार उसने कमलेश तिवारी से फेसबुक पर दोस्ती की और फोन पर भी संपर्क साध लिया था। इसके बाद उसने कमलेश के संगठन से जुड़ने की इच्छा भी जताई थी। इसी के बाद तिवारी से मुलाकात की तारीख तय हुई थी।इस खुलासे के बाद भास्कर ने असल रोहित सोलंकी का भी पता लगा लिया, जो इन सबसे अनजान था। दरअसल अशफाक ने मैनेजर होने के नाते रोहित के दस्तावेज से आधार कार्ड लेकर उसमें अपना फोटो लगा दिया था। पुलिस के विशेष जांच दल (एसटीएफ) ने बताया कि हत्यारों ने कत्ल से पहले घबराहट रोकने और अपनी हिम्मत बढ़ाने के लिए दवा खाई थी। दवा का पैकेट उस कमरे से मिला है, जिस होटल में हमलावर ठहरे हुए थे। इसके अलावा कमरे से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू, खून से सने भगवा कुर्ते, तौलिया, मोबाइल फोन, शेविंग किट और एक बैग मिला है। सूरतियों ने भीड़ से खचाखच भरी सड़क पर मरीज को ले जा रही एंबुलेंस को रास्ता देकर मानवता का परिचय दिया। हुआ यूं कि रविवार को छुट्‌टी होने से दिवाली की खरीदारी करने को बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से निकले। ऐसे में चौटापुल के पास राजमार्ग पर लोगों के साथ वाहनों की भी भारी भीड़ हो गई। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि पैर रखने के लिए भी जगह नहीं थी। पूरी सड़क खचाखच भरी थी। शाम पांच बजे के करीब चौटापुल की तरफ से एक मरीज को ले जा रही एंबुलेंस सायरन बजाती हुई आई। लोगों का ध्यान उस तरफ गया तो उन्होंने उसके लिए रास्त बना दिया। इससे एंबुलेंस सरसराती हुई निकल गई। इस 130 मीटर की दूरी में जहां एक बाइक को निकलने में पांच मिनट और चारपहिया को निकलने में 8 मिनट लग रहे थे, वहीं एंबुलेंस को निकलने में 74 सेकंड ही लगे।

Show more
content-cover-image
Gujarat Regional News 21st October मुख्य खबरें