content-cover-image

Special - कौन हैं मौलाना डीज़ल, जिन्होंने हिला कर रख दी इमरान की सत्ता

मुख्य खबरें

00:00

ट्रेंडिंग रेडियो

Special - कौन हैं मौलाना डीज़ल, जिन्होंने हिला कर रख दी इमरान की सत्ता

पाकिस्तान की दम तोड़ती अर्थव्यवस्था, विदेश नीति और विकास के मुद्दों पर संकटों का सामना कर रही प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार को एक शख्स ने हिलाकर रख दिया है। इमरान के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। आज़ादी मार्च निकाला जा रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं यह सब किसके कारण हो रहा है। दरअसल, यह शख्स और कोई नहीं पाकिस्तान की सबसे बड़ी धार्मिक पार्टी के मुखिया मौलाना फ़ज़ल-उर-रहमान हैं। इन्हें मौलाना डीज़ल भी कहा जाता है, जो पहले भी कई नेताओं की परेशानी का सबब बन चुके हैं। मौलाना फ़ज़ल-उर-रहमान सुन्नी कट्टरपंथी दल या यूं कहें कि पाकिस्तान की धार्मिक पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख हैं। उनके पिता खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, जबकि खुद मौलाना पाकिस्तानी संसद में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके हैं। मौलाना पाकिस्तान में विदेश नीति को लेकर संसद की समिति और कशमीर समिति के भी प्रमुख रह चुके हैं। मौलाना फ़ज़ल-उर-रहमान को नवाज़ शरीफ़ की सरकार में केंद्रीय मंत्री का दर्जा मिल चुका है। पिछले साल वह सरकार के विरोधी समूह की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार भी बनाए गए थे। उन्हें तालिबान का समर्थक माना जाता है। हालांकि कुछ समय पहले से वह खुद के उदारवादी होने की बात कह रहे हैं। मौलाना ने साल 1988 में बेनजरी भुट्टो के प्रधानमंत्री बनने पर साफ कहा था कि एक औरत की हुक्मरानी उन्हें कबूल नहीं है। हालांकि बाद में विवाद बढ़ने पर उन्होंने इस बयान को वापस ले लिया था। यही नहीं पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की सत्ता में भी मौलाना रहमान चर्चा में रहे थे। कारण कि 9/11 के हमले के बाद पाकिस्तान ने तालिबान के खिलाफ अमेरिकी मुहिम का साथ दिया था और मौलाना ने इसकी मुखालफत की थी। दरअसल, मौलाना फ़ज़ल-उर-रहमान को 'मौलाना डीज़ल' के नाम से इसलिए जाना जाता है क्योंकि कहा जाता है कि 90 के दशक में उन्होंने सरकार पर दबाव बनाकर डीज़ल के गैरकानूनी परमिट लिए थे। उन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। यही वजह थी कि बीते साल चुनाव में इमरान खान ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ने का नारा दिया तो मौलाना को अपने क्षेत्र में हार झेलनी पड़ी। लेकिन अब मौका मिलते ही इमरान खान की आँखों की किरकिरी बन गए हैं मौलाना । अब देखना ये होगा कि मौजूदा सियासत टिक पाती है या जुम्मे-जुम्मे 14 महीने में ही इमरान खान को विरोध की चपेट में आकार pavilion लौटना पड़ेगा !

Show more
content-cover-image
Special - कौन हैं मौलाना डीज़ल, जिन्होंने हिला कर रख दी इमरान की सत्तामुख्य खबरें