content-cover-image

अयोध्या मामला: अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस तरह कवर किया SC का फैसला

मुख्य खबरें

00:00

ट्रेंडिंग रेडियो

अयोध्या मामला: अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस तरह कवर किया SC का फैसला

वर्षों पुराने अयोध्या-बाबरी मस्जिद विवाद पर देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले से जुड़ी खबरें दुनियाभर के मीडिया में प्रमुखता से ऑनलाइन संस्करणों में प्रकाशित हुई हैं। अधिकांश अखबारों ने फैसले की तारीफ की है। जबकि पाकिस्तान में इसे लेकर बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देखी गई। हालांकि अल-जजीरा ने फैसले से जुड़ी खबर के लिए पूरे होमपेज को भगवा रंग दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा कि भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने देश की सबसे पुरानी धार्मिक साइट पर चल रहे कानूनी विवाद में हिंदू मंदिर के निर्माण के लिए एक रास्ता निकाल लिया है। सबसे अच्छा यह हुआ है कि बहुसंख्यक बहुमत वाली सरकार के बजाय अदालत ने इस मसले पर अपना तटस्थ रुख सामने रखा। वाशिंगटन पोस्ट ने कहा कि मोदी की जीत के रूप में देखा जाएगा ये फैसला। लिखा कि वर्षों की कानूनी लड़ाई के बाद यह एक ऐतिहासिक फैसला है जिसे हिंदू और मुसलमान दोनों ही समुदायों ने स्वीकार करने की बात कही थी। अल-जजीरा ने लिखा कि हिंदुओं को सौंपा गया विवादित स्थल । इसके अलावा पाकिस्तानी अखबार डॉन के हिसाब से इस फ़ैसले से भारत में सामुदायिक संघर्ष पैदा हो सकता है। द येरुशलम पोस्ट ने जाहीर किया कि भारतीय शीर्ष अदालत ने आखिरकार वही फैसला दिया जो ऐतिहासिक तथ्यों ने साबित किया। उसने विवादित स्थल हिंदुओं को सौंप दिया। डायचे वेले के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच जहां शनिवार से करतारपुर कॉरिडोर खोलने की खुशी है वहीं भारत में राम मंदिर का रास्ता साफ होने से खुशी का माहौल है। BBC ने फैसला cover करते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद के गुंबद की जगह हिंदू पक्ष को सुप्रीम कोर्ट ने सौंप दी है। इस तरह एक बड़े विवाद का 40 दिनों तक लगातार चली सुनवाई के बाद पटाक्षेप हो गया है लेकिन आने वाला वक्त बताएगा कि दोनों समुदायों में किस तरह से सौहार्द का वातावरण बनाया जाता है।

Show more
content-cover-image
अयोध्या मामला: अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस तरह कवर किया SC का फैसलामुख्य खबरें