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VijayDiwas: 1971 में Pak पर विजय का दिन, सेना प्रमुखों ने शहीदों को किया नमन

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VijayDiwas: 1971 में Pak पर विजय का दिन, सेना प्रमुखों ने शहीदों को किया नमन

विजय दिवस के मौके पर आज तीनों सेना प्रमुखों ने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पहुंकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत, वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया और नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह समेत केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद नाईक भी मौजूद रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर विजय दिवस के अवसर सेना के शौर्य और साहस को नमन किया. बता दें कि साल 1971 में भारत ने पाकिस्तान के 90 हज़ार से ज़्यादा सैनिकों को युद्ध बंदी बना लिया था. पाकिस्तान में पंजाब और सिंध के कई इलाक़ों में भारतीय सेना का क़ब्जा हो गया था. हमारी फ़ौज नियंत्रण रेखा को पार करके पाकिस्तान के क़ब्ज़े वाले कश्मीर में भी कई किलोमीटर अंदर तक चली गई थीं.कुल मिलाकर पाकिस्तान की 15 हज़ार वर्ग किलोमीटर ज़मीन भारत के पास आ गई थी. ये इतनी ज़मीन थी...जिसमें दिल्ली जैसे 10 शहर बसाए जा सकते हैं. या नागालैंड जितना बड़ा एक राज्य बनाया जा सकता है. ये पाकिस्तान की करारी हार थी. लेकिन जब भारत की इस विशाल जीत के बाद पाकिस्तान को मेज़ पर समझौते के लिये आना पड़ा...तो हम ऐसी कई बातों को मनवाने में नाकाम रहे, जो कश्मीर का मुद्दा हमेशा के लिये ख़त्म कर देतीं. 1971 का युद्ध जीतने के बाद भारत चाहता तो पाकिस्तान पर कश्मीर को लेकर दबाव बना सकता था . लेकिन तब शिमला समझौते में इंदिरा गांधी ने सदभावना दिखाते हुए पाकिस्तान को पूरी ज़मीन वापस कर दी थी. इसलिये अगर डिप्लोमेसी में इसे भारत की हार नहीं कहेंगे...तो इसे बड़ी जीत भी नहीं कह सकते. लेकिन Article 370 हटाये जाने के बाद आज देश में विपक्ष...खासकर कांग्रेस और कई बुद्धिजीवी शिमला समझौते की बात कर रहे हैं. कश्मीर पर नैतिकता की बहुत बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं. लेकिन हम पाकिस्तान की नैतिकता से बहुत अच्छी तरह वाक़िफ़ हैं.

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