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BJP नेता की नई किताब में दावा, पाक में स्वतंत्रता दिवस मनाना चाहते थे Gandhi

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BJP नेता की नई किताब में दावा, पाक में स्वतंत्रता दिवस मनाना चाहते थे Gandhi

महात्मा गांधी आजादी का पहला दिन यानी 15 अगस्त, 1947 का दिन पाकिस्तान में बिताना चाहते थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता एमजे अकबर की नई किताब में यह दावा किया गया है। एमजे अकबर ने भारत और पाकिस्तान के बंटवारे पर अपनी नई किताब 'गांधी हिंदुइज्म: द स्ट्रगल अगेन्स्ट जिन्नाह इस्लाम' में यह बातें कही हैं। उन्होंने कहा, 'गांधी बंटवारे और नई अप्राकृति सीमा बनाने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने इसे क्षणिक पागलपन करार दिया था।' इस किताब में विचारधारा और उन व्यक्तित्वों की समीक्षा की है, जिन्होंने बंटवारे को आधार दिया। कई गलतियों की वजह से 1940 से 1947 के बीच सात वर्षों तक विस्फोटक स्थिति बनी रही। किताब में गांधी जी और जिन्ना की विचारधाराओं में अंतर को दिखाने की कोशिश की गई है। किताब के मुताबिक गांधी जी एक हिंदू थे, जिनका मानना था कि भारत में हर तरह की सभ्यता फल-फूल सकती है। यहां सभी धर्म आगे बढ़ सकते हैं। दूसरी तरफ जिन्ना धर्म से ज्यादा राजनीतिक मुस्लिम थे। वह इस्लाम के नाम पर एक समकालिक उपमहाद्वीप बनाने को प्रतिबद्ध थे। किताब में लिखा गया है कि 31 मई, 1947 को गांधी ने पठान नेता अब्दुल गफ्फार खान से कहा था कि वह उत्तर पश्चिम फ्रंटियर जाना चाहते हैं और आजादी के बाद यहीं रहना चाहते हैं। अब्दुल गफ्फार खान को 'फ्रंटियर गांधी' के नाम से भी जाना जाता था।

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