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गिरती GDP पर लगी मुहर, रेटिंग एजेंसी ने भी घटाया देश की ग्रोथ का अनुमान

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गिरती GDP पर लगी मुहर, रेटिंग एजेंसी ने भी घटाया देश की ग्रोथ का अनुमान

रेटिंग एजेंसी फिच इंडिया ने कहा है कि वित्त वर्ष 2021 में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में बढ़त दर 5.5 फीसदी रह सकती है और नकारात्मक जोखिम बना रह सकता है। इससे पहले सरकार के अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती को दूर करने के तमाम प्रयासों के बीच फिच ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए विकास दर के 4.6 फीसदी रहने की संभावना जताई थी। वहीं 2020-21 के लिए 5.6 फीसदी और 2021-22 के लिए 6.5 फीसदी का अनुमान जताया गया था। इससे पहले केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 की विकास दर का अनुमान जारी किया था। इसके मुताबिक चालू वित्त वर्ष में जीडीपी पांच फीसदी रहेगी, जो पिछले एक दशक में सबसे कम है। सरकार बजट के बाद फरवरी महीने में वित्त वर्ष का दूसरा अनुमान जारी करेगी। विश्व बैंक ने कहा है कि वित्त वर्ष 2019-2020 में भारत की जीडीपी में बढ़त दर सिर्फ पांच फीसदी रह सकती है। लेकिन अगले वित्त वर्ष में भारत के जीडीपी में विश्व बैंक ने 5.8 फीसदी बढ़त का अनुमान जताया है। यह वर्ल्ड बैंक के अनुमान में बड़ी कटौती है।

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