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Naravane बोले, 'हथियारों की कमी अब गुज़रे ज़माने की बात'

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Naravane बोले, 'हथियारों की कमी अब गुज़रे ज़माने की बात'

भारतीय सेना ने पिछले दो सालों में गोला बारूद आदि हथियारों की कमी पूरी कर ली है और अब वह हथियार खरीद की होड़ में है. सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने बताया कि हथियारों की कमी अब बीते दिनों की बात है. उन्होंने कई अ​हम मुद्दों पर एक विशेष बातचीत में कहा, 'हमारे भंडार अभी भरे हुए हैं और स्टॉक का लेवल काफी ऊंचा है. पहले जो कमी सामने आई थी, उसे पूरा कर लिया गया है.' पिछले तीन वर्षों में 30,000 करोड़ से अधिक की हथियार खरीद ने सुनिश्चित किया है कि कमी पूरी की गई और सेना की मारक क्षमता में वृद्धि हुई है. 2016 में उड़ी हमले के बाद सेना को गंभीर रूप से गोला बारूद की कमी और आंतरिक समीक्षा का सामना करना पड़ा था. सरकार के लिए यह खतरे की घंटी थी. उड़ी हमले के बाद सेना ने आंतरिक समीक्षाओं की सूचना को सरकार से साझा किया था, जिससे पता चला कि सेना के पास गोला-बारूद का भंडार मात्र इतना ही है कि अगर 10 दिनों तक ढंग से युद्ध हो तो वह खत्म हो जाएगा. लेकिन पिछले कुछ साल में यह स्थिति बदल गई है. उसके बाद से टैंक और तोपखाने के लिए हथियार गोला बारूद बढ़ाए गए और जो गंभीर स्थिति बनी थी, उससे निजात पा ली गई. जनरल नरवणे ने कहा, 'सरकार ने अच्छी पहल की और सेना के उप-प्रमुखों को गोला बारूद की खरीद के लिए आपातकालीन अधिकार दिए. इसका परिणाम यह हुआ कि हथियार संबंधी तमाम मसलों को सुलझा लिया गया क्योंकि खरीद में तेजी लाई गई.' सेना ने पिछले तीन वर्षों में ​हथियार खरीद पर विशेष गौर किया और विशेष रूप से टैंक और आर्टिलरी गन के लिए नए गोला बारूद खरीदने पर ध्यान केंद्रित किया गया.

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