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Nirbhaya Case: 31 जनवरी को दोपहर 12 बजे तक ही मौत से बचने का समय

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Nirbhaya Case: 31 जनवरी को दोपहर 12 बजे तक ही मौत से बचने का समय

फांसी की तारीख से एक दिन पहले 31 जनवरी को दोपहर 12 बजे तक निर्भया को कोई भी दोषी राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका भेजता है तो उनकी फांसी टल जाएगी, लेकिन निर्धारित समय के बाद जेल प्रशासन के पास याचिका भेजी जाती है तो उसे राष्ट्रपति को नहीं भेजा जाएगा। इस स्थिति में 1 फरवरी को दोषियों को फांसी पर लटका दिया जाएगा। Nirbhaya Case: 31 जनवरी को दोपहर 12 बजे तक ही मौत से बचने का समय निर्भया के दोषी मुकेश ने दया याचिका खारिज करने के राष्ट्रपति के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर 29 जनवरी को फैसला आना है। अदालत में जब तक दोषियों को लेकर कोई भी मामला लंबित है तो उन्हें फांसी नहीं दी जा सकती है। दोषियों के वकील एपी सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित मुकेश की याचिका पर फैसला आने के बाद ही वह आगे कोई याचिका दाखिल करेंगे। उनका कहना है कि तीन दोषियों के पास अभी दया याचिका और दो के पास सुधारात्मक याचिका का विकल्प बचा है। तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि जेल मेन्युअल के मुताबिक फांसी की तारीख से एक दिन पहले 12 बजे तक कोई दोषी राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजता है तो जेल प्रशासन उसे दिल्ली सरकार को भेजने के लिए बाध्य है। अगर 12 बजे के बाद याचिका दी जाती है तो उसे आगे नहीं भेजा जाएगा। इसके बाद अगले दिन दोषियों को फांसी तभी रुक सकती है जब तक अदालत की ओर से कोई आदेश न आए। तिहाड़ जेल प्रशासन दोषियों को फांसी पर लटकाने की तैयारी कर चुका है। फांसी की तारीख से दो दिन पहले 30 जनवरी को जल्लाद पवन मेरठ से तिहाड़ जेल पहुंच जाएगा। जल्लाद के लिए जेल में ही रहने से लेकर सभी तरह की जरूरत को पूरा किया जाएगा। तिहाड़ जेल प्रशासन ने उत्तर प्रदेश जेल विभाग को पत्र लिखकर फांसी की तारीख के बारे में अवगत करा दिया है।

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