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Beating Retreat: पारंपरिक धुन पर तीनों सेनाओं का मार्च

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Beating Retreat: पारंपरिक धुन पर तीनों सेनाओं का मार्च

गणतंत्र दिवस समारोह के तहत बुधवार को राजधानी दिल्ली के विजय चौक पर 'बीटिंग द रिट्रीट' सेरेमनी का आयोजन किया गया। रायसीना रोड स्थित राष्ट्रपति भवन के सामने हुए समारोह में तीनों भारतीय सेनाओं ने अलग-अलग पारंपरिक बैंडों की धुनों पर मार्च किया। 'बीटिंग द रिट्रीट' समारोह में पहली बार वंदे मातरम गाया गया। इस भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिरकत की। बीटिंग रिट्रीट के समापन के बाद रायसीना हिल में उत्तर और दक्षिण ब्लॉक को तीन रंगों की लाइटों से रोशन किया गया है। बता दें कि चार दिन तक चलने वाले गणतंत्र दिवस समारोह का समापन बीटिंग रिट्रीट के साथ ही होता हैं। इस अवसर पर राष्ट्रपति चीफ गेस्ट होते हैं। बता दें कि गणतंत्र दिवस समारोह के जश्न की शुरुआत परेड से होती है और समापन 'बीटिंग द रिट्रीट' सेरेमनी के साथ होता है। ये गणतंत्र दिवस के ठीक तीन बाद यानी 29 जनवरी को आयोजित की जाती है। इस कार्यक्रम में थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बैंड पारंपरिक धुन के साथ मार्च करते हैं। यह सेना की बैरक वापसी का प्रतीक है। 'बीटिंग द रिट्रीट' सेरेमनी का आयोजन हर साल 29 जनवरी को रायसीना रोड स्थित राष्ट्रपति भवन के सामने किया जाता है। इसमें चीफ गेस्‍ट राष्‍ट्र‍पति होते हैं। यह आयोजन तीन सेनाओं के एक साथ मिलकर सामूहिक बैंड वादन से आरंभ होता है। इसमें 3 सेनाओं के बैंड की पारंपरिक धुन बजाते हैं। इस दौरान ड्रमर भी एकल प्रदर्शन (जिसे ड्रमर्स कॉल कहते हैं) करते हैं। इसके अलावा महात्‍मा गांधी की प्रिय धुनों में से एक कही जाने वाली ड्रमर्स की ओर से 'एबाइडिड विद मी' बजाई जाती है और ट्युबुलर घंटियों की ओर से चाइम्‍स बजाई जाती हैं, जो काफी दूरी पर रखी होती हैं और इससे एक मनमोहक दृश्‍य बनता है।

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