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पुलवामा शहीद को भूले नेता, मां बनवा रहीं स्मारक

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पुलवामा शहीद को भूले नेता, मां बनवा रहीं स्मारक

पुलवामा में पिछले साल 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में आगरा के कहरई के कौशल किशोर रावत शहीद हो गए थे। उनके परिजन ने आरोप लगाया है कि शहीद के स्मारक के लिए किया गया वादा शासन और प्रशासन भूल गया है। प्रशासन ने इसके लिए जमीन नहीं दी। परिवारीजन 11 महीने तक कलेक्ट्रेट और कमिश्नरी के चक्कर काटकर थक गए। अब वे अपनी जमीन पर ही स्मारक का निर्माण करा रहे हैं। शहीद की मां सुधा रावत ने बताया कि जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव आया तो अधिकारी, सांसद, विधायक और मंत्री पहुंचे थे। उस समय सभी ने वादा किया था कि गांव में शहीद का स्मारक बनेगा, शहीद के नाम से द्वार बनेगा लेकिन बाद में किसी ने ध्यान नहीं दिया। शहीद कौशल किशोर की पत्नी ममता रावत ने कलेक्ट्रेट और कमिश्नरी में अर्जी दी। अफसरों ने कहा कि प्रक्रिया चल रही है, उन्होंने कई बार चक्कर काटे, लेकिन जमीन का आवंटन नहीं हुआ। मां सुधा रावत आज भी बेटे के बारे में बात करती हैं तो आंखों से आंसू निकल आते हैं। शहीद की मां ने बताया कि उनके पति गीताराम अपने शहीद बेटे के स्मारक को अपने जीते जी बनवाना चाहते थे, लेकिन उनके सामने ऐसा नहीं हो सका और 11 जनवरी को उनका निधन हो गया। अब परिवार ने अपनी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कराया है। निर्माण में ग्राम पंचायत की मदद मिल रही है, लेकिन उन्हें न तो केंद्र सरकार से कोई मदद मिली न ही सामाजिक संगठनों में से भी किसी ने उनकी सुध ली। उधर, एसडीएम सदर गरिमा सिंह का कहना है कि शहीद के स्मारक के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई थी, प्रस्ताव तैयार हो गया था, लेकिन उनके परिवार के लोग इससे ज्यादा जमीन चाहते थे, इस पर गांव के लोगों को आपत्ति थी, इस कारण आवंटन नहीं हो सका।

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