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पुलवामा हमले का मददगार साल भर बाद गिरफ्तार, हमलावर को शरण देने का आरोप

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पुलवामा हमले का मददगार साल भर बाद गिरफ्तार, हमलावर को शरण देने का आरोप

जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले मामले में NIA को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने शुक्रवार को इस मामले में पहली गिरफ्तारी की है। NIA ने आतंकी और जैश-ए-मोहम्मद के ओवर ग्राउंड वर्कर शाकिर बशीर मागरे को कश्मीर से गिरफ्तार किया है। शाकिर ने आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार को शरण और अन्य सहायता दी थी। शाकिर पुलवामा का ही रहने वाला है और उसकी फर्नीचर की दुकान है। आदिल अहमद डार ही वो आतंकी था जो कार में सवार होकर सुरक्षाबल के काफिले में जा घुसा था। इस हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे। शाकिर ने खुलासा किया कि उसने आदिल अहमद डार और एक अन्य आतंकवादी मोहम्मद उमर फारूक को साल 2018 के आखिरी से फरवरी में किए हमले तक अपने घर में शरण दी थी। शाकिर बशीर ने IED बनाने में भी मदद की थी, वह अब 15 दिन तक NIA की हिरासत में रहेगा। इस दौरान NIA उससे हमले से जुड़ी और भी कई जानकारियां हासिल करेगी। हमले के मास्टरमाइंड कामरान उर्फ गाजी राशिद के मोबाइल से NIA ने शुक्रवार को कुछ जानकारी हासिल की। कामरान को हमले के चार दिन बाद 18 फरवरी को मार गिराया गया था। कामरान के मोबाइल में कुछ वीडियो मिले हैं जिसमें RDX का इस्तेमाल करके बम बनाने का तरीका बताया गया है। NIA के पास इस बात के ठोस सबूत हैं कि विस्फोटक पाकिस्तान से आया था। जैश कमांडर के कुछ फोन नंबर की भी जानकारी है, एक नाम जैश के आतंकी उमर के रूप में पहचाना गया है। NIA ने इससे पहले मोहम्मद इश्फाक भट को गिरफ्तार किया था, जिसके पास से विस्फोटक बरामद किया गया था।

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