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निर्भया का दोषी फिर SC में, '2021 तक वक्त'

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निर्भया का दोषी फिर SC में, '2021 तक वक्त'

निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में दोषियों की फांसी की तारीख तय होने के बाद मामले में ट्विस्ट आ गया है। निर्भया के गुनहगार मुकेश कुमार सिंह ने अपने पुराने वकील पर आरोप मढ़ते सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। मुकेश ने दावा किया है कि उसे यह नहीं बताया गया था कि क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल करने के लिए तीन साल तक का वक्त होता है। ऐसे में तमाम कार्रवाई रद्द की जाए और उसे क्यूरेटिव पिटिशन और अन्य कानूनी उपचार के इस्तेमाल की इजाजत दी जाए। अबकी बार मुकेश ने अपने वकील एमएल शर्मा के जरिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। मुकेश के वकील एमएल शर्मा की ओर से अर्जी दाखिल कर भारत सरकार, दिल्ली सरकार और एमिकस क्यूरी (कोर्ट सलाहकार) को प्रतिवादी बनाया गया है। अर्जी में कहा गया है कि उसे साजिश का शिकार बनाया गया है। उसे नहीं बताया गया कि लिमिटेशन ऐक्ट के तहत क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल करने के लिए तीन साल तक का वक्त होता है। इस तरह देखा जाए तो उसे उसके मौलिक अधिकार से वंचित किया गया है। इसी कारण रिट दाखिल की गई है। ऐसे में मुकेश की रिव्यू पिटिशन खारिज होने के तीन साल तक उसे क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल करने की समय सीमा थी, जो जुलाई 2021 तक होती है। कोर्ट सलाहकार ने जबरन वकालतनामा पर दस्तखत कराए और क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल कर दिया। सरकार का कर्तव्य है कि वह कानून का पालन कराए। इस मामले में मुकेश को कानूनी उपचार से वंचित होना पड़ा है।

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