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Russia: सत्ता में बने रहने के लिए Putin ने चली है सबसे बड़ी चाल!

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Russia: सत्ता में बने रहने के लिए Putin ने चली है सबसे बड़ी चाल!

ये ख़बर है रूस की. जहां राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन के साल 2036 तक राष्ट्रपति पद पर बने रहने का जुगाड़ बन रहा है. 10 मार्च को पुतिन की सत्ताधारी पार्टी ‘यूनाइटेड रशिया’ संसद में एक संविधान संशोधन का प्रस्ताव लाई. इसकी मदद से पुतिन को बतौर राष्ट्रपति 12 अतिरिक्त साल मिल जाएंगे. लोग कह रहे हैं, संशोधन की प्रक्रिया तो बस नाम की है. असली बात ये है कि पुतिन को किसी-न-किसी तरह सत्ता के शीर्ष पर बने रहना है. सोचिए. साल 1999 में जब रूस की सत्ता में पुतिन की एंट्री हुई थी, तब हमारे यहां वाजपेयी की सरकार थी. तब से अब तक दुनिया कितनी आगे बढ़ गई, मगर रूस में पुतिन जमे हुए हैं. ये पूरा मामला क्या है, पुतिन की सत्ता एक्सटेंड करने के लिए क्या जुगाड़बाज़ियां की गईं, इस ख़बर में हम आपको यही सब बता रहे हैं. संसद के निचले सदन, यानी स्टेट डुमा में एक संवैधानिक संशोधन का प्रस्ताव पास हुआ. इसपर मुहर लगने के लिए ज़रूरी है कि रूस की संवैधानिक अदालत और अप्रैल 2020 में इसे लेकर होने वाले जनमत संग्रह में भी ये पास हो जाए. जो कि पक्का ही लग रहा है. ऐसा हुआ तो 2024 में कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद भी पुतिन को छह-छह साल के दो और कार्यकाल मिल जाएंगे. मतलब, 2024 प्लस 12, यानी 2036 तक राष्ट्रपति. पुतिन की उम्र है 67 साल. वो 20 सालों से रूस की सत्ता में हैं. 2036 तक राष्ट्रपति बने रहना, मतलब 16 साल और. कुल मिलाकर 36 साल. 2036 में पुतिन की उम्र होगी 83 साल. तब भी वो सत्ता छोड़ेंगे कि नहीं, मालूम नहीं. लोग कह रहे हैं, पुतिन आजीवन राष्ट्रपति रहेंगे. अभी जो ये संशोधन का प्रस्ताव आया है, उसका समर्थन किया है पुतिन ने. ये कहकर कि वो देश के भले के लिए ऐसा कर रहे हैं. दुनिया के सारे तानाशाह सत्ता हथियाए रखने के पीछे यही वजह गिनाते आए हैं.

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