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आज की मुस्कान: ज़रूरतमंदों तक सुविधाएँ पहुंचाने कई किमी पैदल चलता है यह डॉक्टर!

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आज की मुस्कान: ज़रूरतमंदों तक सुविधाएँ पहुंचाने कई किमी पैदल चलता है यह डॉक्टर!

हमारी बहुत सी कहानियों के नायक-नायिकाएँ अक्सर कहते हैं कि कुछ अच्छा करने के लिए आपको पैसे या फिर बहुत ज्यादा साधनों की ज़रूरत नहीं होती। आप अपने दायरे में रहकर भी समाज में बदलाव की वजह बन सकते हैं क्योंकि बदलाव के लिए बस आपकी हिम्मत और जज़्बे की ज़रूरत है। यदि आप एक बार ठान लें कि आपको किसी की ज़िंदगी अच्छी करनी है तो राहें खुद-ब-खुद बन जाती है। ऐसी ही कुछ कहानी है हमारे आज के नायक, डॉ. चित्तरंजन जेना की। डॉ. चित्तरंजन जेना, जिन्होंने बस अपने दायरे में रहकर अपनी शिक्षा और साधनों का सही उपयोग किया और आज वह पूरे देश के चिकित्सकों के लिए मिसाल हैं। ओडिशा के दशमंतपुर के प्राइमरी हेल्थ सेंटर में सरकारी मेडिकल अफसर के पद पर नियुक्त डॉ. जेना पिछले ढाई सालों से यहाँ के आदिवासी गाँवों में स्वास्थ्य शिविर लगा रहे हैं। उनका उद्देश्य मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं को इन आदिवासी समुदायों तक पहुंचाना है। अपने सफ़र के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि अपनी पढ़ाई के दौरान भी वह सामाजिक कार्यों के लिए आगे रहते थे। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें सरकारी नौकरी मिली और उन्होंने अपनी पोस्टिंग कोरापुट इलाके में करवाई। 15 अगस्त 2017 को उन्होंने अपनी मेडिकल टीम के साथ एक समिति बनाई- ‘गाँवकु चला’ मतलब कि ‘गाँव की ओर चलो’! लोगों को समझाने के साथ-साथ वह गाँव के हर एक घर में साबुन, मच्छरदानी आदि भी देते हैं। उनका जोर स्वच्छता पर भी रहता है। किसी गाँव में कहीं पानी जमा हुआ देखकर, वह खुद गाँव के लोगों के साथ मिलकर इसे साफ़ करते हैं, क्योंकि डायरिया, डेंगू जैसी बिमारियों के लिए गंदे पानी में पनपे मच्छर आदि ही ज़िम्मेदार होते हैं। डॉ. जेना कहते हैं कि जैसे-जैसे वक़्त बीत रहा है उनकी गतिविधियाँ बढ़ रही हैं। अब गाँव के लोग उन्हें अपनाने लगे हैं और उन पर भरोसा करते हैं। इस वजह से उन्होंने दूसरे मुद्दों पर भी बात करना शुरू किया है। डॉ. जेना और उनकी टीम अब तक ब्लॉक के सभी 318 गाँवो में एक-एक बार कैंप कर चुकी है। इन गाँवों में से उन्होंने 12 गाँवों को स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत ‘आदर्श गाँव’ बनाने के लिए चुना है। ताकि इन 12 गाँवों को पूरे देश के लिए मॉडल बनाकर पेश किया जाए। डॉ. जेना की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। उन्हें स्वास्थ्य मंत्री ने उनके प्रयासों के लिए सम्मानित किया और साथ ही उनके प्रोग्राम को भारत के बेस्ट 100 प्रोग्राम की लिस्ट में जगह मिली है। उन्हें उम्मीद है कि अन्य राज्यों में भी उनके प्रोग्राम से प्रेरणा ली जाएगी। डॉ. चित्तरंजन जेना से संपर्क करने के लिए crjena2011@gmail.com पर ईमेल कर सकते हैं! यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है, या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ साझा करना चाहते हो, तो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें, या Facebook और Twitter पर संपर्क करें। आप हमें किसी भी प्रेरणात्मक ख़बर का वीडियो 9120695717 पर व्हाट्सएप कर सकते हैं।

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