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अपने देश में Coronavirus से बड़ी है राजनीति, जान जाए पर सत्ता ना जाए!

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अपने देश में Coronavirus से बड़ी है राजनीति, जान जाए पर सत्ता ना जाए!

चीन, ईरान, इटली और अमेरिका में जानलेवा बना कोरोना वायरस अब भारत को भी अपनी जद में ले रहा है. केरल में शुरुआती मामलों पर नियंत्रण के बाद अब हालात चिंताजनक स्थिति में पहुंच रहे हैं. इस सबके बीच केंद्र से लेकर राज्य सरकारें जहां तैयारियों के दावे कर रही हैं, वहीं हालात नाजुक होने के बावजूद सियासत भी अपने चरम पर है. हालात बेहद संवेदनशील हैं. एक तरफ जहां कोरोना वायरस पैर पसार रहा है तो वहीं देश का सियासी घटनाक्रम भी गरमाया हुआ है. सरकारें भीड़ से दूर रहने के विज्ञापन दे रही हैं, लेकिन सत्ता की बागडोर संभालने वाले राजनेता भीड़ से अपना मोह त्याग नहीं पा रहे हैं. उनका सियासी जोड़-तोड़ का खेल कोरोना वायरस की परवाह किए बिना जारी है. दिल्ली में कोरोना से एक मौत हो चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शायद इससे बेपरवाह हैं. एनपीआर और एनआरसी पर चर्चा के लिए उन्होंने शुक्रवार को दिल्ली विधानसभा में विशेष सत्र बुलवा लिया. सत्र में शामिल होने के लिए सभी विधायक आए. विधानसभा में एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ प्रस्ताव पास हुआ. सिंधिया ने बेपरवाह होकर निकाला भव्य रोड शो, ज्यातिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश की सियासत बदल गई है. कांग्रेस की कमलनाथ सरकार संकट में आ गई है. सिंधिया ने होली के मौके पर कांग्रेस से इस्तीफा देकर दो दिन बाद बीजेपी का दामन थाम लिया. इसके बाद जब वो भोपाल पहुंचे तो बीजेपी कार्यकर्ताओं और सिंधिया समर्थकों के भारी हुजूम ने उनका स्वागत किया. यानी एयरपोर्ट से लेकर सड़क और बीजेपी पार्टी मुख्यालय तक भारी भीड़ देखी गई. दूसरी तरफ बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टी के विधायक ट्रैवल कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर राष्ट्रपति तक ने कोरोना वायरस के चलते अपना होली मिलन समारोह रद्द कर दिया था. लेकिन कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया जब गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे तो गले मिलते नजर आए. दिलचस्प बात ये है कि पूरी दुनिया जहां नमस्ते बोलकर एक-दूसरे का अभिवादन कर रही है, वहीं सिंधिया शाह के हाथों में हाथ लिए दिखाई दिए. होली से दूर रहने वाले पीएम मोदी भी राज्यसभा चुनाव की गतिविधियों से खुद को अलग नहीं रख सके. राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा के लिए बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में पीएम मोदी समेत गृहमंत्री अमित शाह ने हिस्सा लिया.अमित शाह 15 मार्च रविवार को भी कश्मीर के नेताओं मिलकर मीटिंग कर रहे हैं. दूसरी तरफ राज्यसभा चुनाव को लेकर भी पूरी सियासत चल रही है. हॉस्पिटल और डॉक्टर्स जहां कोरोना से निपटने में जुटे हुए हैं, वहीं कांग्रेस से लेकर बीजेपी और दूसरे राजनीतिक दलों तक सब राज्यसभा के नंबर गेम में जुटे हुए हैं. कांग्रेस समेत दूसरे विपक्ष दल भी भी कोरोना पर चर्चा करने के बजाय सरकार को तेल के दाम और दिल्ली हिंसा पर घेरने में व्यस्त नजर आ रहे हैं. इस बीच, मध्य प्रदेश का विधानसभा सत्र भी होने जा रहा है. समाजवादी पार्टी भी बैठकों और सियासत से अछूती नहीं रही. पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक लखनऊ में शनिवार को हुई. यानी चीन जैसे ताकतवर देश में जहां कोरोना वायरस अपना कहर बरपा चुका है और अमेरिका जैसी महाशक्ति को भी आपातकाल की घोषणा कर चुनावी कार्यक्रम तक टालने पड़े हैं, वहीं स्वास्थ्य सेवाओं की हालत चिंताजनक होने के बावजूद भारत में राजनीतिक गतिविधियां, जोड़-तोड़, सरकार गिराने और बनाने की कोशिशें की जा रही हैं.

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