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आज की मुस्कान: एक मॉल ऐसा, जहाँ ज़रूरतमंद बच्चों को मिलें मनपसंद चीज़ें!

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आज की मुस्कान: एक मॉल ऐसा, जहाँ ज़रूरतमंद बच्चों को मिलें मनपसंद चीज़ें!

सुप्रभात दोस्तों ! फिर से आपका स्वागत है मुख्य ख़बरों के हमारे ख़ास कार्यक्रम 'आज की मुस्कान' में. जैसा नाम , वैसा ही है हमारे इस episode का काम..आज aapko le chalte हैं झारखंड के रांची शहर. 23 वर्षीय रजत विमल दसवीं कक्षा में थे, जब उन्होंने ‘फॉलेन लीव्स‘ (fallen leaves) नामक एक स्वयंसेवी संगठन की शुरुआत की aur aaj unki इस पहल में लगभग 70 युवा शामिल हो चुके हैं। साल 2014 में शुरू हुए इस संगठन का उद्देश्य गरीब तबके के और अनाथ आश्रमों में पलने-बढ़ने वाले बच्चों को एक बेहतर ज़िंदगी की तरफ ले जाना है। रजत के मुताबिक, वह और उनके साथी मिलकर इन बच्चों को शिक्षा और करियर से जोड़ रहे हैं और उन्हें लाइफ स्किल्स सिखा रहे हैं। युवाओं की ye टोली इन बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के साधन, करियर काउंसलिंग, कपड़े-जूते आदि के साथ-साथ आज के डिजिटल zamane के साथ चलना भी सिखा रही है। रजत और उनकी टीम का एक खास प्रोग्राम है ‘महाबाज़ार’- jo एक मॉक मॉल एक्सपीरियंस है बच्चों के लिए। इस ख़ास मॉल के ज़रिए इन बच्चों को मॉल में शॉपिंग करने का अनुभव दिया जाता है। इसमें एक hi जगह पर कपड़ों, खिलौनों और जूतों आदि ke बहुत se स्टॉल लगाए जाते हैं, जहां से बच्चे अपनी मन-पसंद चीजों की खरीददारी कर सकते हैं,” अंत में vey सिर्फ यही सन्देश देते हैं कि अगर कुछ करने निकलें तो पूरा आसमान पड़ा है लेकिन आप जहाँ कर सकते हैं वहां कुछ करें! Doston, अगर आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है और आप रजत और उनकी टीम को कोई भी मदद करना चाहते हैं तो 8797315825 पर कॉल कर सकते हैं या फेसबुक पर जुड़ सकते हैं! आपके लिए हम कल फिर से लेकर हाज़िर होंगे चेहरे पर मुस्कान लाने वाली एक कहानी, Mukhya kahbron mein, aaj ki muskaan mein. तब तक के लिए अपना और अपनों का रखिये ख्याल । aapka din shubh ho.

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