content-cover-image

न्याय का दिन: निर्भया को मिला इंसाफ़ ! दोषियों को फांसी

मुख्य खबरें

00:00

ट्रेंडिंग रेडियो

न्याय का दिन: निर्भया को मिला इंसाफ़ ! दोषियों को फांसी

आज मुझे अपनी बेटी पर गर्व है, क्यूंकि दुनिया आज मुझे 'निर्भया' के नाम से पहचानती है. जैसे ही मुझे इन्साफ की खबर मिली, मैंने सालों बाद तस्वीर में ही सही, अपनी बेटी की आँखों में आँखें मिलाई और उसकी तस्वीर को गले से लगा लिया", ये शब्द हैं सदियों से न्याय का इंतज़ार कर रही जाबाज़ निर्भया की माँ के. ये माँ आज खुश दिखी , क्यूंकि फांसी के सजा पाए निर्भया के गुनहगार आखिरकार सात साल, तीन महीने और तीन दिन बाद अपने अंजाम पर पहुंचे। निर्भया के चारों दोषियों को शुक्रवार तड़के 5:30 बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया। पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के दोषियों की ओर से फांसी टलवाने के लिए देर रात दायर याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद दोषियों के वकील ने फांसी की सजा पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया, जिसे शीर्ष अदालत ने भी नकार दिया। सारी कोशिशों के बावजूद दोषियों को अपने कर्मों का फल मिला और भारत की बेटी को इन्साफ। फिलहाल , दोषियों को फांसी पर लटकाने के ठीक दो घंटे बाद तिहाड़ जेल प्रशासन के डॉक्टर नाड़ी की जांच कर इनके मृत होने की पुष्टि करेंगे। डॉक्टर के सर्टिफिकेट के आधार पर जेल प्रशासन सजा देने वाले जज को सूचित भी करेगा। डॉक्टर ने बताया कि निर्भया के चार में से दो दोषियों की फंदे पर लटकने के बाद सबसे पहले प्राण जाएंगे। जबकि बाकी दोनों दोषी फांसी पर झूलने के बाद कुछ समय तक पैर फड़फड़ाते रहेंगे और इनके दम तोड़ने में वक्त लग सकता है। क्योंकि इनका वजन 65 किलो से कम है। डॉक्टरों के मुताबिक इससे कम वजन के लोगों के प्राण फांसी पर लटकाने के कुछ मिनट बाद ही जाते हैं। आखिरकार, निर्भया की आत्मा को आज शान्ति मिल गई ।

Show more
content-cover-image
न्याय का दिन: निर्भया को मिला इंसाफ़ ! दोषियों को फांसीमुख्य खबरें