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निर्भया के चारों दोषियों को फांसी हुई, फिर मां आशा देवी ने क्यों कहा कि लड़ाई जारी रहेगी?

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निर्भया के चारों दोषियों को फांसी हुई, फिर मां आशा देवी ने क्यों कहा कि लड़ाई जारी रहेगी?

निर्भया के चारों दोषी- अक्षय, विनय, पवन और मुकेश को आखिरकार फांसी हो गई. सुबह 5:30 बजे उन्हें सज़ा दी गई. तिहाड़ जेल के डायरेक्टर जनरल संदीप गोयल ने इस बात की पुष्टि की. ये भी कहा कि तिहाड़ के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि चार दोषियों को एकसाथ फांसी दी गई. बेटी के लिए सात साल से भी ज्यादा वक्त तक लड़ाई लड़ने वाली आशा देवी ने कहा कि आखिरकार इंसाफ मिला. उन्होंने विक्ट्री साइन दिखाया. कहा, ‘आखिरकार उन्हें फांसी दे दी गई. ये बहुत लंबी लड़ाई थी. आज हमें न्याय मिला. आज का दिन भारत की बेटियों को समर्पित है. उन्होंने न्यायतंत्र और सरकार को थैंक्यू कहा और भावुक होकर बोलीं कि- हमारी बेटी वापस नहीं आएगी. हमने ये लड़ाई उसके जाने के बाद शुरू की. ये लड़ाई उसके लिए थी, लेकिन हम आगे भी देश की बाकी बेटियों के लिए संघर्ष करते रहेंगे. आशा देवी से जब सवाल किया गया कि क्या फांसी के बाद लोगों को कुछ समझ आएगा, तो उन्होंने कहा कि अब कहीं न कहीं देश की बेटियां सुरक्षित महसूस करेंगी. आगे कहा, ‘इस फांसी के बाद अब बाकी परिवार भी अपने बेटों को सिखाना शुरू करेंगे. ये बताना शुरू करेंगे कि अगर ऐसा कुछ करोगे, तो जैसे इन चारों को फांसी हुई है, आपको भी होगी.’ आशा देवी ने कहा कि अब वो सुप्रीम कोर्ट से मांग करेंगी कि एक नई गाइडलाइन जारी की जाए, ताकि कोई भी दोषी सजा टालने के लिए वो सारे तरीके न अपनाए, जो इन चारों ने अपनाए थे. वहीं निर्भया के पिता का कहना है कि इंसाफ के लिए उनका इंतजार बहुत पीड़ादायक था.

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