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कोरोना का कहर: लॉकडाउन और कर्फ्यू में क्या अंतर है ?

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कोरोना का कहर: लॉकडाउन और कर्फ्यू में क्या अंतर है ?

देश में कोरोना वायरस का प्रकोप हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। तेजी से फैलते संक्रमण के कारण कोरोना के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। आईसीएमआर के मुताबिक, देश में संक्रमितों की संख्या 415 पहुंच गई है और सात लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर रविवार 22 मार्च की सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक जनता कर्फ्यू लगाया गया। सभी राज्य सरकारों ने जनता कर्फ्यू का पालन और समर्थन किया। वहीं, रविवार की शाम को कुछ राज्यों ने लॉकडाउन का एलान कर दिया। देश के 75 जिलों को भी लॉकडाउन किया गया है। वहीं पंजाब सरकार ने कर्फ्यू लगा दिया है। आखिर लॉकडाउन का क्या मतलब होता है और ये कर्फ्यू से कितना अलग होटा है ? जब किसी भी इलाके में कर्फ्यू लगाया जाता है तो लोगों को एक समयसीमा तक के लिए घरों में रहने का आदेश दिया जाता है। प्रशासन आपातकालीन परिस्थितियों में ही कर्फ्यू लगाता है। कर्फ्यू में प्रशासनिक आदेश के तहत लोगों को हिदायत दी जाती है कि वो अपने घरों से बाहर सड़कों पर न निकलें। कर्फ्यू के दौरान स्कूल, कॉलेज, बाजार सब बंद रहते हैं। इसका उल्लंघन करने वाले की गिरफ्तारी भी सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। वहीं, लॉकडाउन एक आपातकाल व्यवस्था होती लोगों को अलग-थलग करने के लिए इसे लगाया जाता है। लॉकडाउन के समय लोगों को किसी इलाके या इमारत में रहने के निर्देश दिए जाते हैं और वहां से निकलने के लिए मना किया जाता है। आवश्यक चीजों के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है। लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सुविधाएं जारी रहती हैं, लेकिन यह भी प्रशासन पर निर्भर करता है कि वो किन सेवाएं को जारी रखना चाहता है। देखा जाए तो बैंक, बाजार, सब्जी की दुकानें, डेरी वगैरह को खुला रखा जाता है। अगर किसी को दवा या खाने-पीने की चीजों की जरूरत है तो बाहर निकल सकता है। कर्फ्यू के दौरान इन सब पर पाबंदी होती है। कर्फ्यू और लॉकडाउन दोनों को अलग-अलग स्थितियों में लगाया जाता है। दोनों के बीच अंतर प्रशासन द्वारा जारी रखी गईं सेवाओं का होता है। किसी इलाके में अगर दंगे या हिंसा होती है तो प्रशासन उस विकट स्थिति पर काबू पाने के लिए कर्फ्यू लगाता है। कर्फ्यू के दौरान जरूरी सेवाएं जैसे बाजार और बैंकों पर ताला लटका रहता है। जब कर्फ्यू में ढील दी जाती है तभी ये सारी सेवाओं का लाभ घरों में बंद लोगों को मिलता है और वो बाहर निकल सकते हैं। लॉकडाउन में जरूरी सेवाएं बंद नहीं की जाती हैं। जैसा फिलहाल हमारे देश में है। देश के कई राज्यों और शहरों में लॉकडाउन किया गया है, लेकिन बैंक, डेरी, जरूरी सामान के लिए दुकानें खुली हुई हैं। जनता के लिए आवश्यक सेवाएं जारी हैं। अधिकतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद हैं।

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