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आज की मुस्कान: पगड़ी से साबित किया, इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता!

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आज की मुस्कान: पगड़ी से साबित किया, इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता!

स्वागत है आपका मुख्य खबर की हमारी बेहद ख़ास पेशकश में एक बार फिर , जहाँ हम छोटी सी कोशिश करते हैं हर सुबह आपके चेहरे पर मुस्कान लाने की, इसी प्रयत्न में आज बात करेंगे एक ऐसे शख़्स की जिसे विश्वास है कि इंसानियत और मानवता किसी भी व्यक्तिगत विचार और धार्मिक आस्था से बढ़कर है। पर जब समय पड़ने पर कोई ऐसा करता है, तो वह बहुत से लोगों के लिए एक मिसाल कायम करता है। ऐसा ही कुछ कश्मीर में एक 20-वर्षीय सिख लड़के ने किया, जब उसने एक महिला की जान बचाने के लिए बिना एक पल भी सोचे अपनी पगड़ी उतार दी। जम्मू कश्मीर में त्राल तहसील के देवर गाँव के निवासी, मंजीत सिंह ने एक सड़क दुर्घटना में खून से लथपथ एक महिला की जान बचाने के लिए अपनी पगड़ी उतारकर, उसे पट्टी की तरह इस्तेमाल किया ताकि उस औरत का खून और ज़्यादा न बहे। ख़बरों के मुताबिक, अवंतीपोरा में तेज रफ़्तार से आ रहे एक ट्रक ने एक 45-वर्षीय औरत को टक्कर मार दी। जब मंजीत ने उसे देखा तो वह औरत खून से लथपथ घायल अवस्था में सड़क पर पड़ी थी। मंजीत ने तुरंत सूझ-बूझ से काम लेते हुए उस महिला की मदद की। सिखों में दस्तार या फिर पगड़ी पहनना अनिवार्य होता है। यह उनके विश्वास और आस्था के साथ-साथ उनके आत्म-सम्मान, साहस और पवित्रता का भी प्रतीक है। और जब ये पगड़ी किसी की जान बचाने में काम आती है तो इसकी शान और बढ़ जाती है. ऐसी ही अद्भुत , खूबसूरत किस्सों से जुड़े रहने के लिए हर सुबह ठीक 6 बजे सुनिए मुख्य खबर , अपना और अपनों का ध्यान रखिए।

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