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आज की मुस्कान: इमारती जंगल की किसने बदली काया!

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आज की मुस्कान: इमारती जंगल की किसने बदली काया!

सुप्रभात ! स्वागत है आपका मुख्य खबर पर हमारी ख़ास पेशकश aaj ki muskan में.. दोस्तों, गाँवों और छोटे शहरों में तो फिर भी आपको घरों में पेड़-पौधे देखने को मिल जाएंगे, लेकिन बड़े शहरों to sirf imaarti jungle ban gaye hain। Corona ke keher ne hamein ye to जता hi diya hai ki prakriti ko bhi badla lena aata hai.. isliye ye ज़रूरी है कि अब हम अपनी galtiyan सुधारें अन्यथा inki कीमत हमारी भावी पीढ़ी को चुकानी पड़ेगी। 19 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र, ज़ुबेर मुहम्मद को यह बात बहुत ही कम उम्र में समझ में आ गई। वह कहते हैं कि इन बड़ी-बड़ी इमारतों में रहने वाले बहुत से लोग हैं जो कि हरियाली के लिए तरसते हैं और चाहते हैं कि उनके घरों में ढेर सरे पेड़ हों। विडंबना यह है कि उनकी कॉर्पोरेट लाइफ उन्हें खुद के लिए ज्यादा वक़्त नहीं देती और हमारे यहाँ कम जगहों में अर्बन गार्डनिंग की सर्विस देने वाले लोगों को खोजना भी बहुत मुश्किल है। लोगों की ज़रूरतों के हिसाब से सर्विस न मिल पाने के इस गैप को देखते हुए उन्होंने जुलाई 2019 में ‘पैराडाइस गार्डन्स’ की नींव रखी। भोपाल में स्थित यह अर्बन गार्डनिंग स्टार्टअप लोगों को उनकी ज़रूरत के हिसाब से सर्विस देता है। बहुत ही कम वक़्त में उन्होंने काफी सफलता हासिल कर ली है। भोपाल में उन्हें अब तक 100 प्रोजेक्ट मिल चुके हैं। ज़ुबेर के मुताबिक उन्होंने 22,680 स्क्वायर फीट जगह को अब तक हरियाली में बदल दिया है और 33,600 स्क्वायर फीट जगह पर काम जारी है। to logon ki aankhon mein hariyali aur chehre par khushi laane ke liye hamari aaj ki muskaan hain ज़ुबेर.. अगर आप भी इस मेहनती और उत्साही लड़के की कहानी से कुछ सीखते हैं और आगे भी ऐसी खुशहाल कहानियों के साथ बने रहना चाहते हैं तो ख़बरी पर सुनिए मुख्य खबर चैनल रोज़ाना सुबह 6 बजे. खुश रहें , सुरक्षित रहें, धन्यवाद।

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