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Spl: Coronavirus के उपचार में भूलकर भी न लें हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, हो सकता है हार्ट ब्लॉक!

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Spl: Coronavirus के उपचार में भूलकर भी न लें हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, हो सकता है हार्ट ब्लॉक!

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने बताया है कि कोरोना मरीजों की देखभाल में जुटे डॉक्टरों, या मरीज के साथ रह रहे लोगों में कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (HCQ) मददगार साबित हो सकती है। ICMR ने इससे संबंधित एक नोटिफिकेशन भी जारी किया है। वहीं कुछ लोगों को इस बात की गलतफहमी हो गई है कि कोरोना वायरस से निबटने की दवा तैयार कर ली गई है और अब इससे डरने की कोई जरूरत नहीं है। मलेरिया के ईलाज इस्तेमाल होने वाली इस दवा की जनकर कालाबाजारी हो रही है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की सोच बेहद घातक है क्योंकि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति का उपचार करने के लिए नहीं, बल्कि उसके उपचार में मदद कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों में कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए सुझायी गयी है। दरअसल, हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन या क्लोरोक्वीन से मलेरिया के उपचार में इस्तेमाल की जाने वाली दवा है। मलेरिया के मामलों में इसका काफी अच्छा असर होता है। हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का बेहतर असर देखते हुए कुछ विशेषज्ञों ने इसे आर्थराइटिस के मरीजों के उपचार में भी इस्तेमाल किया और इसे असरकारी पाया। लेकिन यही दवा कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के लिए उपयोगी हो सकती है या नहीं, अभी इसे गारंटी के साथ नहीं कहा जा सकता। लेकिन मरीजों के उपचार के दौरान स्वास्थ्यकर्मी डॉक्टर-नर्स या मरीज के करीबी जो उनके आसपास रहते हैं, उनमें भी कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। इन लोगों में कोरोना का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए ही हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है। लेकिन इसे कोरोना से निबटने की दवा नहीं हैं और इस पर अभी परीक्षण चल रहा है। दरअसल, पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना के खतरे पर बातचीत करते हुए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की चर्चा कर दी थी। इससे कुछ लोगों में यह संदेश चला गया कि अमेरिका ने कोरोना वायरस का इलाज खोजने में लगभग सफलता हासिल कर ली है। इसके बाद से ही हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन या क्लोरोक्वीन पर खूब चर्चा होने लगी। बिना सच जाने लोग इसकी कालाबाजारी तक करने लगे और अचानक यह दवा बाजार से गायब हो गई। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह सही जानकारी नहीं है, और बिना डॉक्टरों की विशेष निगरानी में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल किया गया तो यह बेहद नुकसानदेह हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति बिना डॉक्टर की सलाह के हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल शुरू करता है, तो इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इस दवा से हार्ट ब्लॉक जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है जो किसी को भारी पड़ सकती है। इसके आलावा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन शुगर लेवल घटा देती है, इसका भी नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। कुछ मामलों में यह दृष्टि क्षमता को भी प्रभावित कर सकती है। लोगों को यह गलतफहमी भी दिमाग से निकाल देनी चाहिए कि अगर वे दवा ले लेते हैं, तो अब उन पर कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं हो सकता। यह समझना चाहिए कि यह वैक्सीन नहीं, बल्कि दवा है और इसे लेने के बाद आप पूर्णतया कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षित नहीं हो जाते। यह वायरस विपरीत परिस्थियों में आप अटैक कर सकता है। इसलिए ध्यान रहे, दवा लेने के बाद भी सुरक्षात्मक रुख अपनाने की भी आवश्यकता है।

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