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लापरवाही से भी फैलाया Corona तो हो सकती है जेल, लगेंगी ये धाराएं...

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लापरवाही से भी फैलाया Corona तो हो सकती है जेल, लगेंगी ये धाराएं...

चीन से फैले कोरोना ने भारत में अबतक एक हजार से ज्यादा लोगों को संक्रमित कर दिया है और 25 लोगों की जान ले ली है। 22 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन का एलान कोरोना के खतरे का कम करने के लिए किया गया था लेकिन एक हफ्ते से कोरोना के बढ़ते मामलों में कोई कमी नहीं देखने को मिली है। भारतीय दंड सहिता की धारा 188, 269 और 270 के इस्तेमाल से देश में लॉकडाउन लगाया गया। आईपीसी की धारा 270 किसी शख्स के वायरस या इंफेक्शन के जरिए दूसरे व्यक्ति की जान को जोखिम में डालने पर लगाई जाती है। आइये जानते है क्या है आईपीसी की धारा 269 और 270? धारा 269 का अर्थ है, किसी बीमारी को फैलाने के लिए किया गया लापरवाही भरा काम जिससे किसी अन्य व्यक्ति की जान को खतरा हो सकता है। धारा 270 का अर्थ है, किसी बीमारी को फैलाने के लिए किया गया घातक या नुकसानदेह काम जिससे किसी अन्य व्यक्ति की जान को खतरा हो सकता है। ये दोनों धाराएं भारतीय दंड सहिता के अध्याय 14 के तहत आते हैं, जिसमें जनता के स्वास्थ्य, सुरक्षा, सुख, शिष्टाचार और नैतिकता पर असर डालने वाले अपराध शामिल है। बता दें आईपीसी की धारा 269 के तहत अपराधी को छह महीने की जेल या जुर्माना या फिर दोनों मिलता है और धारा 270 के तहत दो साल की सजा या जुर्माना या फिर दोनों मिलता है। हालांकि दोनों धाराओं के सजा के प्रावधानों में ज्यादा अंतर नहीं है लेकिन धारा 270 में इस्तेमाल किया घातक या नुकसानदेह शब्द ये दर्शाता है कि आरोपी ने जानबूझकर कदम उठाया है।

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