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किसी को 'अप्रैल फ़ूल' बनाने जा रहे हैं? ज़रा ध्यान से, कहीं जेल न जाना पड़ जाए

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किसी को 'अप्रैल फ़ूल' बनाने जा रहे हैं? ज़रा ध्यान से, कहीं जेल न जाना पड़ जाए

अप्रैल का पहला दिन. यानी ‘अप्रैल फूल’ बनाने की तारीख़. आमतौर पर इस दिन कुछ लोग एक-दूसरे को मूर्ख बनाते हैं. लेकिन इस साल अगर किसी को अप्रैल फूल बनाया, तो जेल जाने की नौबत आ सकती है. दिल्ली, मुंबई जैसे राज्य इस बार अप्रैल फूल के बहाने ‘अफ़वाह फैलाने’ के ख़िलाफ़ ऐक्शन लेने जा रहे हैं. वजह है कोरोना. देशभर में कोरोना की वजह से लॉकडाउन जारी है. दिल्ली, महाराष्ट्र और हिमाचल में जनता को ये निर्देश मिले हैं कि इस बार कोरोना के चलते ‘अप्रैल फूल डे’ पर अफ़वाह और प्रैंक से बचें, नहीं तो सख्त ऐक्शन लिया जाएगा . डीसीपी साउथ दिल्ली के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जानकारी दी गई कि सोशल मीडिया पर ‘अप्रैल फूल डे’ के बहाने किसी भी तरह की अफ़वाह फैलाने की कोशिश हुई, तो लीगल ऐक्शन लिया जाएगा. पुणे पुलिस ने निर्देश जारी किए हैं कि अफ़वाह और प्रैंक की वजह से कोरोना वायरस की वजह से जारी लॉकडाउन प्रभावित हो सकता है. लोगों में भ्रम की स्थिति बन सकती है. इसे रोकने के लिए ये कदम उठाया गया है. अगर इस तरह के अफ़वाहों वाले मैसेज किसी वॉट्सऐप ग्रुप से रिपोर्ट होते हैं, तो इसकी ज़िम्मेदारी ग्रुप एडमिन की होगी. इसलिए मैसेज भेजने की सुविधा सिर्फ़ ग्रुप एडमिन अपने पास ही रखें. महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक, पुलिस सोशल मीडिया हैंडल पर नजर रखेगी. सोमवार को मुंबई पुलिस ने एक ऐसे शख्स के खिलाफ केस दर्ज किया, जिसने एक ग्रुप में वॉट्सएप पर फर्जी संदेश डाला था कि मुंबई में सेना तैनात कर दी गई है. हिमाचल पुलिस के डीजीपी एसआर मरडी ने पहली अप्रैल को अफ़वाहों और प्रैंक से दूर रहने की चेतावनी दी है. उन्होंने अपील की है कि प्रशासन की मुहैया कराई जानकारी पर ही विश्वास करें.

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