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नया फाइनेंशियल ईयर 1 जुलाई से नहीं, आज से ही है !

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नया फाइनेंशियल ईयर 1 जुलाई से नहीं, आज से ही है !

सोशल पर कयास लगाए जा रहे थे कि सरकार वित्त वर्ष 2019-20 को जून तक बढ़ा सकती है. यानी नया वित्त वर्ष 1 अप्रैल के बजाय 1 जुलाई से शुरू हो सकता है. 31 मार्च को सरकार ने ऐसी बातों को खारिज कर दिया है. सरकार ने एक नोटिफिकेशन निकालकर साफ किया है कि अगला वित्त वर्ष 1 अप्रैल यानी आज से ही शुरू होगा. भारत में वित्त वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होकर 31 मार्च तक होता है. सरकार अपने खर्च का हिसाब इसी अवधि के हिसाब से बनाती है. इसके अलावा जनता को भी अपने कई तरह के काम निपटाने होते हैं. जैसे कि तमाम कागज़ी फाइलिंग, क्लोज़िंग वगैरह. लॉकडाउन के बीच चिंता थी कि ये सारे काम अब डेडलाइन के अंदर कैसे होंगे. इन्हीं सब चिंताओं को लेकर 24 मार्च को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण ऐलान किए. जिसमें कई जरूरी कामों को पूरा करने की अंतिम तारीख 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून कर दी गई. आप भी जान लीजिये कि किन चीजों की तारीख बढ़ी है- # इनकम टैक्स रिटर्न और आधार-पैन कार्ड लिंकिंग, ये दोनों काम निपटाने की आख़िरी तारीख़ बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है. यानी अब तीन महीने का एक्स्ट्रा टाइम मिलेगा. # इस फाइनेंशियल ईयर के मार्च, अप्रैल, मई के GST रिटर्न और कंपोजिशन रिटर्न की तारीख को भी 30 जून तक बढ़ा दिया गया है. पांच करोड़ से कम टर्नओवर वाली कंपनियों पर देरी से दाखिल करने पर कोई लेट फीस भी नहीं लगेगी. बड़ी कंपनियां देर करेंगी तो सिर्फ नौ फीसदी ब्याज देना होगा, पेनल्टी नहीं लगेगा. # ऐसे टैक्सपेयर्स जो टैक्स से जुड़े किसी मामले का निपटारा करना चाहते हैं, उनके लिए सरकार विवाद से विश्वास योजना लेकर आई थी. इसके लिए भी सारी प्रोसेस पूरी कर अप्लाई करने की डेडलाइन 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून कर दी गई है. # कस्टम क्लीयरेंस से जुड़े मामले भी 30 जून तक निपटाए जाएंगे.

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